February 3, 2026

ध्यान और योग, आत्मनियंत्रण के सशक्त माध्यम – जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान

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अंतर्राष्ट्रीय मेडिटेशन दिवस पर सब जेल देपालपुर में ध्यान-योग शिविर हुआ आयोजित

देपालपुर (इंदौर) – विश्व मेडिटेशन दिवस के अवसर पर दिनांक 21 दिसंबर 2025 को सब जेल देपालपुर में बंदियों को मानसिक तनाव, क्रोध, निराशा और नकारात्मक भावनाओं से मुक्त कर उन्हें आत्म-अनुशासन, धैर्य और आत्मबोध की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से ध्यान एवं योग शिविर का सफल आयोजन जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। आयोजित कार्यक्रम ने बंदियों के जीवन में आत्मचिंतन, मानसिक शांति और सकारात्मक परिवर्तन की नई आशा जगाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तहसील विधिक सेवा समिति देपालपुर के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश माननीय हिदायत उल्ला खान ने अपने प्रेरक एवं संवेदनशील संबोधन में कहा कि ध्यान और योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, आत्मनियंत्रण और जीवन में सकारात्मक बदलाव के सशक्त माध्यम हैं।

जिला न्यायाधीश श्री खान ने आगे कहा कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं है, बल्कि व्यक्ति को सुधार की राह दिखाना भी है। ध्यान और योग मन को स्थिर कर व्यक्ति को अपने भीतर झांकने का अवसर देते हैं, जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने कहा कि यदि बन्दी-कैदियों को सही दिशा और अवसर प्रदान किए जाएं तो जेल केवल दंड का स्थान न होकर उनके आत्मपरिवर्तन और पुनर्निर्माण का केंद्र भी हो सकता है।

जिला न्यायाधीश श्री खान ने बंदियों से आह्वान किया कि ध्यान-योग के नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव और आक्रोश में कमी करके अपने आत्मनियंत्रण और धैर्य को विकसित करें, जिससे समाज की मुख्यधारा में उन्हें पुनः सम्मानपूर्वक लौटने में मदद मिल सके।
मेडिटेशन मास्टर मेडिटेशन मास्टर कैलाश रोहिड़ा ने बंदियों को ध्यान साधना कराकर मेडिटेशन को नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान कई बंदियों ने ध्यान-योग के अनुभव साझा करते हुए बताया कि इससे उन्हें मानसिक शांति, आत्मविश्वास और जीवन को नई दृष्टि से देखने की प्रेरणा मिली है।

जेल प्रशासन की ओर से सहायक जेल अधीक्षक आर. एस. कुशवाह ने भी इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता बताते हुए इसे सुधारात्मक न्याय की दिशा में सार्थक पहल बताया।
कार्यक्रम में सहायक जेल अधीक्षक आर.एस. कुशवाह, मेडिटेशन मास्टर कैलाश रोहिड़ा,योग गुरु डॉ. इंदर सिंह राठौर, योग गुरु विनय नागर, जन अभियान परिषद से पप्पू परमार, प्रस्फुटन समिति से जितेंद्र परिहार, प्रमुख मुख्य प्रहरी रामेश्वर झणिया, मुख्य प्रहरी रामकरण सोनगरे, प्रहरी विवेक शर्मा, शैलेंद्र सिंह, मनोज, महिला प्रहरी श्रीमती एकता पटेल, श्रीमती निर्मला मौरी एवं सुश्री मोनिका जाटव सहित समस्त जेल स्टाफ एवं बंदीगण उपस्थित रहे।
विश्व मेडिटेशन दिवस पर आयोजित यह ध्यान-योग कार्यक्रम न केवल एक आयोजन मात्र रहा, बल्कि यह बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

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