धनपुरी की फिजा ज़हरीली करने की साजिश बेनकाब: बाहरी तत्वों ने धार्मिक स्थल के पीछे रचा गोवंश कटान का खेल, एक गिरफ्तार, दूसरा फरार

धनपुरी (शहडोल)।शांत, सौहार्द और भाईचारे की मिसाल रहा धनपुरी नगर अब बाहरी असामाजिक तत्वों के निशाने पर है। नगर की एकता, सामाजिक ताने-बाने और धार्मिक सद्भाव को तोड़ने की सुनियोजित कोशिशें सामने आने लगी हैं। ताजा मामला नीलकंठ मंदिर के पीछे का है, जहां बाहरी क्षेत्र से आए आरोपियों ने गोवंश कटान जैसी घृणित और भड़काऊ गतिविधि को अंजाम देने की तैयारी कर रखी थी। समय रहते पुलिस की सख्ती ने न केवल इस साजिश को नाकाम किया, बल्कि संभावित बड़े सांप्रदायिक तनाव को भी टाल दिया।
घटना 3 फरवरी 2026 की है। थाना धनपुरी को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि नीलकंठ मंदिर के पीछे झाड़ियों में दो संदिग्ध व्यक्ति गोवंश (गाय/बैल) को काटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई और तत्काल मौके पर दबिश दी गई। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी के दौरान एक आरोपी को मौके से दबोच लिया गया, जबकि दूसरा अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गया।
गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद असगर अंसारी, पिता स्व. इब्राहिम अंसारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 11, भुतहीटोला बुढ़ार, थाना बुढ़ार, जिला शहडोल बताया। यह तथ्य अपने-आप में गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर बाहरी क्षेत्रों से लोग धनपुरी आकर इस तरह की गतिविधियों को क्यों अंजाम दे रहे हैं?

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो नग नायलॉन रस्सी, दो धारदार लोहे के चाकू, दो मोटरसाइकिल और एक एंड्रॉयड मोबाइल जब्त किया है। बरामद सामान यह साफ दर्शाता है कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि योजनाबद्ध अपराध था। पूछताछ में आरोपी ने फरार साथी का नाम अज्जू अंसारी, निवासी सिंहपुर थाना सिंहपुर बताया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
मामले में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 28/2026 के तहत बी.एन.एस. की धारा 325, 3(5), मध्यप्रदेश गोवंश प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4(9), पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ) एवं आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
यह घटना केवल कानून उल्लंघन नहीं, बल्कि धनपुरी नगर की शांति और धार्मिक सौहार्द पर सीधा हमला है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं होती, तो स्थिति विस्फोटक हो सकती थी। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि बाहरी लोग बार-बार नगर में आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शहडोल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं एसडीओपी धनपुरी के नेतृत्व में की गई। इस ऑपरेशन में निरीक्षक खेलसिंह पन्द्रे, उप निरीक्षक आर.पी. प्रजापति, संजीव भूषण सिंह, दीपक तिवारी, प्र.आर. निरंकार सिंह, रामनाथ, गोविंद सिंह, राजू प्रसाद, संत कुशवाहा सहित आरक्षक कोमल, परिमल और सतवंत कुमार की अहम भूमिका रही।
पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धनपुरी की एकता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नगर की शांति भंग करने की कोशिश करने वाले चाहे कहीं से आए हों, कानून का डंडा पूरी सख्ती से चलेगा।