“पढ़ेगा लोधी, बढ़ेगा लोधी” के संकल्प के साथ वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी प्रतिभा सम्मान एवं शिक्षा जन-जागरण समारोह भव्य रूप से संपन्न

धनपुरी।
शिक्षा, संस्कार और सामाजिक चेतना के संगम का साक्षी बना धनपुरी का इंडोर स्टेडियम, जहां वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी महासभा के तत्वावधान में प्रतिभा सम्मान समारोह एवं शिक्षा के प्रति जन-जागरण कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती की वंदना के साथ हुआ, जिसका पाठ पं. राजीव शर्मा ने किया, वहीं लोधी समाज की छात्राओं ने सुमधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकेंद्र लिल्हारे जी (जीएसटी कमिश्नर, जबलपुर जोन) ने की। प्रमुख अतिथियों में पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय लोधी महासभा), श्रीमती ज्योति लिल्हारे (डिप्टी कलेक्टर एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, कटनी), धनपुरी नगर के पार्षद प्रवीण बडेलिया, कांग्रेस नेता मोहम्मद साबिर, पूर्व पार्षद बरातू लोधी, एडवोकेट शंकर लोधी सहित समाज के प्रबुद्धजन, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। अपने प्रेरक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज को एकता के सूत्र में पिरोने और शिक्षा को आंदोलन बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने वीरांगना रानी आवंती बाई लोधी के साहस, सुशासन और बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि इतिहास की ये महान विभूतियां आज भी हमें स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा— “पढ़ेगा लोधी, बढ़ेगा लोधी” केवल नारा नहीं, बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य का मंत्र है। शिक्षा ही वह दीपक है जो अंधकार में भी मार्ग दिखाता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, शोध और कौशल विकास के माध्यम से अपना भविष्य गढ़ना होगा।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2024–25 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं, नवोदय विद्यालय, नीट सहित अन्य विशेष परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने वाले विद्यार्थियों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास और आंखों में सपनों की चमक साफ दिखाई दी।
नशामुक्त समाज और सामाजिक सुधार का आह्वान
एडवोकेट शंकर लोधी ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा—
“किताबों से जो रास्ता ढूंढ लिया हमने, अंधेरों में भी उजाला कर लिया हमने।”
उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए फिजूलखर्ची, कर्ज लेकर विवाह, मृत्यु भोज जैसी परंपराओं को त्यागने का आह्वान किया और कहा कि सादगी, शिक्षा और संस्कार ही समाज को समृद्ध बनाएंगे।
पूर्व पार्षद बरातू लोधी ने वार्ड क्रमांक 20 को अवंतीबाई लोधी वार्ड का नाम दिलाने तथा इंडोर स्टेडियम व पार्क के निर्माण के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत आज समाज के सामने एक साकार रूप में खड़ी है।
महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण पर जोर
वक्ताओं ने शासन की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, नर्सिंग, सिलाई-कढ़ाई, प्रशासनिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना समय की मांग है। एक शिक्षित बेटी न केवल एक, बल्कि दो परिवारों का भविष्य संवारती है।
सामूहिक सहभागिता से सफल आयोजन
कार्यक्रम को सफल बनाने में भीमसेन लोधी, उत्तम प्रसाद लोधी, गोविंद लाल नागपुरे, कुंज बिहारी सुलकिया, गोविंद लोधी, आनंद कुमार लोधी, रामसुफल लोधी, संजय सिंह उमरिया, रामकरण लोधी,भगवत लोधी सहित महासभा के पदाधिकारियों एवं समाज के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बड़ी संख्या में समाजजन, युवा, महिलाएं और बुजुर्गों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
समापन संदेश
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि शिक्षा को जीवन का आधार, नशामुक्ति को समाज की शक्ति और एकता को प्रगति का मार्ग बनाया जाएगा। यही वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।