February 3, 2026

यूपी में जारी तनाव के बीच सीएम योगी ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की मुलाकात

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लखनऊ

नागरिकता कानून को लेकर यूपी में जारी तनाव के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने राज्यपाल को विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर रिपोर्ट सौंपी। सूबे में जारी तनाव के कारण सीएम योगी ने आज अमेठी का अपना दौरा भी रद्द कर दिया। सीएम ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी के उकसावे में नहीं आने की अपील की है।

बता दें कि यूपी में हुए हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। 38 पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने 3 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सिर्फ राजधानी लखनऊ में 218 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच डीजीपी ओपी सिंह ने दावा किया कि यूपी हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ रहा है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

'उपद्रवियों की संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई'
बता दें कि इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यूपी में हुई हिंसा से जो भी क्षति हुई है, उसकी भरपाई उपद्रवियों की संपत्ति जब्त करके की जाएगी। सीएम ने कहा था कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है और अब उनकी संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई होगी।

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ है। उन्होंने आशंका जताई कि इस हिंसा में एनजीओ और राजनीतिक लोग भी शामिल हो सकते हैं। सिंह ने कहा, 'हम किसी को बख्शेंगे नहीं, क्योंकि उन्होंने हिंसा की है, लेकिन हम किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं करेंगे।'

 

'किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा'
डीजीपी ने कहा, 'पुलिस सतर्क है और गश्त कर रही है। जहां भी मामले दर्ज हुए हैं, वहां गिरफ्तारियां की जा रही हैं। किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पूरी छानबीन के बाद ही गिरफ्तारी होगी।' यह पूछे जाने पर कि क्या हिंसा करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) और गुंडा एक्ट लगाया जाएगा, सिंह ने कहा कि अगर ऐसा कुछ होगा, तो बता दिया जाएगा।

218 लोगों को जेल भेजा गया
उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ है। इंटरनेट बंद करने किए जाने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि जहां स्थानीय प्रशासन ने उचित समझा, उन जगहों पर इंटरनेट सेवा बंद की गई है। इस बीच, लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि 218 लोगों को जेल भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि अराजक तत्व शहर छोड़कर भाग गए हैं। जिन लोगों ने भीड़ को भड़काकर एकत्र किया है, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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