February 3, 2026

ईमामी ने छत्तीसगढी लोक संस्कृति पर रंगोली प्रतियोगिता की आयोजित

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छत्तीसगढी लोक संस्कृति को बढावा देने तथा लोगों को जानकारी, प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य
अनाज तथा पुष्प से रंगोली बनायी गयी,
55 ग्रामीण महिलाओं, बालिकाओं तथा स्कूली बालिकाओं ने 11 समूहों में रंगोली बनाया ।


भानु प्रताप साहू
बलौदाबाजार। ईमामी सीमेंट संयंत्र अपने सी.एस.आर. विभाग द्वारा संयंत्र प्रमुख अनंत कुमार महोबे तथा सिनियर वाईस प्रेसीडेंट तकनीकी दिलिप कुमार शर्मा के सफल नेतृत्व में प्रभावी ग्राम रिसदा, कुकुरदी और ढनढनी में सर्वागीण विकास हेतु विभिन्न गतिवधियों का संचालन कर रही है ।इसी के तहत् छत्तीसगढी लोक संस्कृति को बढावा देने के उद्देश्य से आज छत्तीसगढी लोक संस्कृति के थीम पर अनाज तथा पुष्प आधाररित समूह रंगोली प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया । जिसमें कुल 55 ग्रामीण महिलाओं एवं बालिकाओं ने 11 समूह में हिस्सा लिया । इस अवसर पर ईमामी प्रबंधन की ओर से लाईजन एवं सी.एस.आर. हेड धनंजय सिंह एवं सिनियर मैनेजर सी.एस.आर. चन्द्रशेखर उपाध्याय के साथ ही साथ शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल की प्राचार्या श्रीमती पार्वती वर्मा, व्याख्याता श्रीमती अर्चना वर्मा, अन्य अध्यापिकाएं महिला पंच, ब्यूटिशियन प्रशिक्षिका श्रीमती उर्मिला वर्मा, सिलाई प्रशिक्षिका श्रीमती कृति सिन्हा, प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं एवं बालिकाएं बडी संख्या में उपस्थित थी । कार्यक्रम में ईमामी सीमेंट लेडिज क्लब की ओर से अध्यक्ष श्रीमती सीमा महोबे तथा अन्य सदस्यगण विशेष विशेष रुप से उपस्थित थी ।
छत्तीसगढी लोक संस्कृति के बारे मे भावी पीढी को बताने हेतु अनाज एवं पुष्प द्वारा समूह में रंगोली बनाया गया जिसमें महिलाओं एवं बालिकाओं ने बढचढकर हिस्सा लेते हुए बहूत ही आकर्षक रंगोली बनायी । रंगोली का मूल्यांकन तथा अवलोकन ईमामी सीमेंट लेडिज क्लब की ओर से आए अध्यक्ष श्रीमती सीमा महोबे, सदस्यगण एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल केी प्राचार्या श्री पार्वती वर्मा, श्रीमती अर्चना वर्मां द्वारा करके विजयी प्रतिभागियों का चयन किया गया । इसके पश्चात धनंजय सिंह तथा चन्द्रशेखर उपाध्याय ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे मे विस्तार से बताया तथा उपस्थित जनसमुदाय को प्रेरित करते हुए कहा कि लोक संस्कृति हमारी पहचान है और इसे हमें संजोकर रखना चाहिए । विकास की अपनी अलग क्रमिक प्रक्रिया है भागम भाग में हमे अपनी संस्कृति को भूलना नही चाहिए ।


इसी दौरान श्रीमती श्रीमती सीमा महोबे ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढी लोक कला एवं लोक संस्कृति की अपनी पहचान है जो कि बहूत ही मनमोहक है । हर तीज त्योहारों मे छत्तीसगढी लोक कला एंव लोक संस्कृति की झलक हमे देखने को मिलती है । वर्तमान में नवीन यूवा पीढी में इस संस्कृति के प्रति रुझान कम होते दिख रहा है । इसके प्रति लोगों में जागरुकता लाने तथा इसे बढावा देने हेतु ईमामी सीमेंट सी.एस.आर. द्वारा इस तरह के कायक्रम का आयेाजन यकीनन एक बेहतर प्रयास है। उन्होने आगे कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रशन्नता हो रही है कि इस प्रतियोगिता में ग्रामीण महिलाओं एवं बालिकाओ ने बहूत ही उत्साह के साथ भाग लिया तथा बहूत ही खूबसूरत तथा मनमोहक रंगोली बनाया इसके के लिए उन्होने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। श्रीमती पार्वती वर्मा तथा अचर्ना वर्मा ने भी अपने उध्बोधन में छत्तीसगढी लोक संस्कृति प्रकाश डाला ।
कार्यक्रम के अन्त में विजयी तथा समस्त प्रतिभागियों को उपस्थित अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया।

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