एसईसीएल कोल माइंस में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे पर कलेक्टर सख्त

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समय-सीमा में मुआवजा वितरण के निर्देश, आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा और अमृतधारा परियोजना की भी हुई समीक्षा

अनूपपुर। जिले में एसईसीएल की कोयला खदानों से जुड़े भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों और अमृतधारा परियोजना की प्रगति को लेकर कलेक्टर रत्नाकर झा ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्रभावित भू-स्वामियों के प्रकरणों का नियमानुसार और समय-सीमा में निराकरण किया जाए, ताकि उन्हें मुआवजा एवं अन्य पात्र लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

निजी भूमि अधिग्रहण में गाइडलाइन का हो पालन

कलेक्टर झा ने जिले के सभी एसईसीएल कोल माइंस प्रबंधकों को शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करते हुए निजी भूमि का अधिग्रहण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-स्वामियों को उनकी अधिग्रहित निजी भूमि का मुआवजा प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने बताया कि अनूपपुर जिले में एसईसीएल के हसदेव, सोहागपुर एवं जमुना-कोतमा क्षेत्रों में कोयला उत्पादन किया जा रहा है। कोयला खनन से प्रभावित एवं परियोजना से जुड़े गांवों के पात्र भू-स्वामियों को नियमानुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक समन्वय किया जाए।

मुआवजा वितरण को सुगम बनाने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पात्र भू-स्वामियों को समय पर उनकी राशि प्राप्त हो सके।

वारिसाना और अभिलेख संबंधी लंबित प्रकरण जल्द सुलझाएं

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भूमि के वारिसों के बीच आपसी असहमति, भूमि अभिलेखों में बेटियों एवं बहनों के नाम दर्ज होने से उत्पन्न प्रक्रियागत समस्याओं तथा स्थानीय स्तर पर आवश्यक सहयोग के अभाव के कारण कई प्रकरणों में मुआवजा वितरण लंबित है।

इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र भू-स्वामियों को मुआवजा राशि दिलाने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

कलेक्टर ने भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण से जुड़े सभी प्रकरणों का विधिवत संकलन, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन और रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित प्रारूप में प्रकरणों की जानकारी तैयार कर संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराने तथा मुआवजा वितरण के बाद भूमि अभिलेखों को नियमानुसार अद्यतन करने को भी कहा।

आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं

बैठक में कोल माइंस में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों एवं उनकी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर झा ने संबंधित अधिकारियों और खदान प्रबंधन को कर्मचारियों की समस्याओं का गंभीरतापूर्वक एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को शासन एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों और निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

अमृतधारा परियोजना के काम की भी समीक्षा

कलेक्टर ने अमृतधारा परियोजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़े क्षेत्रों का नियमित फील्ड विजिट करने और मौके पर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सभी कार्य नियमानुसार प्रक्रिया और निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जाएं तथा पात्र भूमि स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

कोल माइंस क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के विकास पर जोर

कलेक्टर ने कोल माइंस से जुड़ी ग्राम पंचायतों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं का बेहतर एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।

बैठक में कोल माइंस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई और कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर प्राशी अग्रवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा, जनरल मैनेजर जमुना-कोतमा प्रभाकर राम त्रिपाठी, जनरल मैनेजर हसदेव मनोज बिश्नोई, जनरल मैनेजर सोहागपुर मनीष कुमार श्रीवास्तव सहित एसईसीएल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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