नगर में बढ़ती बेरोजगारी पर भाजपा युवा मोर्चा ने उठाई आवाज, मंडल अध्यक्ष अरविंद रजक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपा ज्ञापन

धनपुरी/शहडोल।
नगर में बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य को लेकर गहराते संकट के बीच भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, मंडल धनपुरी के अध्यक्ष अरविंद रजक युवाओं की आवाज बनकर सामने आए हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र सौंपकर नगर में तेजी से बढ़ रही बेरोजगारी तथा आर्थिक तंगी से जूझ रहे युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से उठाया। इस दौरान मुख्यमंत्री से उनकी आत्मीय मुलाकात हुई, जिसमें रोजगार और युवाओं के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

अरविंद रजक द्वारा सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि धनपुरी नगर सहित कोयलांचल क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। औद्योगिक और निजी क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर उपलब्ध होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण अनेक परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट गहराता जा रहा है। पत्र में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग करते हुए शासन-प्रशासन से ठोस नीति बनाने का आग्रह किया गया है।
मंडल अध्यक्ष अरविंद रजक ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान कहा कि बेरोजगारी केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक संतुलन को भी प्रभावित करने वाला गंभीर विषय बन चुका है। उन्होंने युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए शासन से ऐसी योजनाएं और पहल लागू करने की मांग की, जिससे नगर के युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अरविंद रजक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “अरविंद जी, आप जैसे जागरूक और संवेदनशील युवा ही वास्तव में जनता की सेवा का सच्चा दायित्व निभा रहे हैं। रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आपने जो पत्र सौंपा है, वह अत्यंत सराहनीय है। शासन स्तर पर जो भी संभव होगा, युवाओं के हित में हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने आगे सुझाव देते हुए कहा कि क्षेत्र के युवाओं की समस्याओं और संभावित समाधान से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भोपाल प्रस्तुत करें, ताकि ठोस कार्ययोजना बनाकर रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
इस पहल से नगर के युवाओं में नई आशा जागी है। युवाओं और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि शासन स्तर पर प्रभावी कदम उठाए गए तो बेरोजगारी की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा और क्षेत्र के युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की नई दिशा मिल सके।