February 2, 2026

अटल विचारों की लौ से आलोकित हुआ धनपुरी

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सुशासन दिवस पर बूथ–बूथ श्रद्धा, संकल्प और सेवा का संकल्प

धनपुरी।भारत रत्न, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती के अवसर पर धनपुरी नगर में श्रद्धा, स्मरण और संकल्प का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
भारतीय जनता पार्टी शहडोल जिलाध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा के निर्देशानुसार, धनपुरी मंडल प्रभारी कैलाश बिसनानी के मार्गदर्शन एवं मंडल अध्यक्ष अजय शर्मा के नेतृत्व में पूरे मंडल के 41 बूथों पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं ने अटल जी के जीवन दर्शन, उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता, राष्ट्र के प्रति समर्पण और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को स्मरण किया।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा सुशासन दिवस के रूप में मनाए गए इस अवसर पर वार्डों से लेकर बूथ स्तर तक विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अटल जी के विचारों, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया गया।
वार्ड क्रमांक 15/18 के बूथ क्रमांक 252 में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अरविंद रजक मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, संस्कार और संवेदनशीलता की जीवंत प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने राजनीति को सेवा, संवाद और समन्वय का माध्यम बनाया।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अटल जी के राष्ट्रवादी विचारों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता विनय सिंह, मंडल उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्ता, वार्ड बूथ अध्यक्ष राजा सिंह कश्यप, ऊर्जावान कार्यकर्ता रिकी सिंह, आशुतोष अग्रवाल, गुड्डू बर्मन, करण रजक, अन्नू पासी, हरी सिंह, युवराज सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।वही
धनपुरी वार्ड क्रमांक 25, बूथ क्रमांक 237 में भी श्रद्धा और सम्मान के साथ अटल जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में मोहन सोनी एवं रामरतन बैग, रमेश भाई काशीराम लोधी सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को राजनीति में व्यवहारिक रूप दिया और भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाई।
कार्यक्रमों में वक्ताओं ने अटल जी की कवि-संवेदनशीलता, ओजस्वी वाणी, राष्ट्रभक्ति और मानवीय मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि वे ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने राजनीति को शालीनता, संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादा से जोड़ा। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, ग्राम सड़क योजना और पड़ोसी देशों से संवाद जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को स्मरण करते हुए उन्हें आधुनिक भारत के शिल्पकार के रूप में नमन किया गया।
समापन अवसर पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि वे अटल जी के आदर्शों—राष्ट्र प्रथम, सेवा, समर्पण और सुशासन—को अपने जीवन और कार्यशैली में उतारते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाएंगे। श्रद्धा, विचार और संकल्प से ओतप्रोत यह आयोजन अटल जी के प्रति सच्ची कृतज्ञता और प्रेरणा का प्रतीक बना।

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