लहसुई कोतमा में 25 अप्रैल को होगा भव्य “इज्तेमाई निकाह शादी सम्मेलन”

गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए अंजुमने अशरफिया की मानवीय पहल
अनूपपुर/कोतमा समाज में आपसी भाईचारे, इंसानियत, मोहब्बत और सामाजिक एकता का संदेश देने वाली एक सराहनीय पहल के रूप में 25 अप्रैल, शनिवार 2026 को लहसुई, कोतमा (जिला अनूपपुर) की सरजमीं पर भव्य इज्तेमाई निकाह शादी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम अंजुमने अशरफिया लहसुई कोतमा ब्रांच, जिला अनूपपुर के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इस नेक और सामाजिक उद्देश्य से प्रेरित आयोजन का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के बेटा-बेटियों का सामूहिक निकाह कराकर उन्हें सम्मानपूर्वक वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत देना है।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक सहयोग, करुणा और मानवीय मूल्यों की जीवंत मिसाल है। ऐसे दौर में जब विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च और दिखावे का प्रचलन बढ़ता जा रहा है, वहीं यह सम्मेलन सादगी, सामाजिक जिम्मेदारी और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का संदेश देता है।
इस मुबारक आयोजन की रूहानी सरपरस्ती सूफी परंपरा के प्रतिष्ठित संत हजरत सैय्यद महमूद अशरफ (अशरफियुल जिलानी, सज्जादा नशीन किछौछा मुकद्दसा) की आध्यात्मिक निगरानी में हो रही है। वहीं कार्यक्रम की कियादत (अध्यक्षता) शहजाद-ए-मन्जूर-ए-मिल्लत खलीफा हजरत कारीये मिल्लत मौलाना ताज अशरफ साहब (कोतमा) द्वारा की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार, अल्लाह के फज़्ल और उसके हबीब की रहमत से पिछले दो वर्षों की तरह इस वर्ष भी लहसुई की पावन धरती पर यह इज्तेमाई निकाह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन परिवारों के लिए सहारा बनना है जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने बच्चों के विवाह की जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पाते। कमेटी का मानना है कि समाज के सक्षम और जागरूक लोगों का यह कर्तव्य है कि वे जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों की रोशनी फैलाने के लिए आगे आएं।
इस सम्मेलन के सरपरस्त के रूप में मो. इम्तियाज (नन्नू), किसान बोरवेल गोरेला का नाम प्रमुख है। इनके साथ समाज के अनेक सम्मानित लोग इस नेक कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। इनमें हाजी मो. इदरीस, समसार डेकोरेटर्स, डॉक्टर हाफिज सईद – लंदन, राजा दारशाह अशरफ मानपुर शरीफ, हाजी मो. शरीफ – कोतमा, हाजी मो. सईद कंजा, हाजी मो. अकबर खान, मो. साबिर वार्ड, हाजी मो. सहेल (लल्लू), मो. यूसुफ, हाजी लुकमान, हाजी मो. शहीद, मो. इरफान, हाजी इलियास, मो. सलीम, मो. हयात निसार अहमद – अनूपपुर, हाजी मो. निसार, मो. हनीफ – धनपुरी, मो. मुबारक – धनपुरी, मो. असलम (मामा) – धनपुरी, मो. समीम अंसारी – धनपुरी, मो. जावेद – धनपुरी, दिलावर वार्ड, हाजी मो. जाहिद, हाजी मो. साकिब, हाजी मो. अहमद, हाजी मो. मसूद, मो. आरिफ, हाजी यूसुफ – कोतमा, मो. महबूब, मो. शकील (लल्लू), हाजी खालिद, मो. कलीम, मो. सईफ मास्टर, मो. एजाज – जैतपुर और हाजी जफरी सहित अनेक समाजसेवी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इनमें मंत्री म.प्र. शासन भोपाल दिलीप जायसवाल, सांसद शहडोल हिमाद्री सिंह, पूर्व विधायक कोतमा मनोज अग्रवाल, पूर्व विधायक कोतमा सुनील सराफ, मनोज सराफ (अंगर), डी.एन. अध्यक्ष कोतमा, मो. अकरम इरशाद, अजय अग्रवाल (अज्जू), उपाध्यक्ष नगर परिषद कोतमा, शशांक वर्मा (उपाध्यक्ष नगर परिषद), पुंडीर जैन (मंडल अध्यक्ष), मनीष गोयल (नन्हे), हाजी मो. हारुन लाल, राशिद अली, रोजर जैन, मुर्सिफ अली, पवन गोयल, दीपक जैन चंदेलिया, संतोष मिश्रा (पत्रकार), अशफाक सराफ, पार्षद राजू मिश्रा, मो. समीर (सीआईडी) और डॉ. मो. जुबेर – भोपाल सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल होंगे।
आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम में नात व तकरीर की महफिल, सामूहिक दुआ और सुबह 11 बजे निकाह की रस्म अदा की जाएगी। यह आयोजन समाज में सादगीपूर्ण विवाह की परंपरा को बढ़ावा देने और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक सहारा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कमेटी ने स्पष्ट किया है कि निकाह का पूरा इंतजाम कमेटी की ओर से किया जाएगा, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह सम्मेलन केवल एक धार्मिक रस्म नहीं बल्कि समाज में इंसानियत, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरक उदाहरण बनेगा। आयोजकों का मानना है कि यदि समाज के लोग इसी प्रकार एक-दूसरे के दुख-दर्द में साथ खड़े हों, तो न केवल कई परिवारों की मुश्किलें आसान होंगी बल्कि समाज में भाईचारे और सद्भाव का वातावरण भी मजबूत होगा।
अंजुमने अशरफिया कमेटी ने समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वे इस मुबारक पहल को सफल बनाने के लिए आगे आएं, जरूरतमंद परिवारों तक इसकी जानकारी पहुंचाएं और इस नेक कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि यह संदेश जन-जन तक पहुंचे और समाज में सहयोग तथा इंसानियत की नई मिसाल कायम हो सके।