जिले में युवाओं द्वारा सडकों पर कानून व्यवस्था हाथ में लेने की परंपरा खतरनाक

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माब लिंचिंग की बढती वारदात से जिले में बढा नक्सलवाद का खतरा

पुलिस, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों को समय रहते सतर्क होने की जरुरत

अनूपपुर (अविरल गौतम) जनजातीय बहुल अनूपपुर जिले को क्या योजनाबद्ध तरीके से हिंसक नक्सलवाद की ओर धकेला जा रहा है ? जिस तरह से पिछले दो वर्षों में एक विशेष तबके के लोगों द्वारा सोशल मीडिया में प्रशासन, सरकार , समाज , तंत्र के विरुद्ध माहौल बना कर बेरोजगार युवाओं को उद्वेलित करके कानून व्यवस्था हाथ में लेने के लिये उकसाया जा रहा है और ऐसी हर घटना के बाद मामला थाने की फाईलों और जांच में बन्द हो जाता है , उससे जिले की जनता मे प्रशासन , कानून व्यवस्था को लेकर हताशा और क्षोभ का माहौल है।
जिले के अलग – अलग हिस्सों मे सोशल मीडिया में एक्टिव कुछ युवाओं द्वारा जबरन गुण्डई करके , कानून हाथों मे लेकर सडकों पर वाहनों को चेक करने, उन्हे रोकने और फिर दबाव देकर सेटिंग की खतरनाक परंपरा कानून व्यवस्था को चुनौती देता दिख रहा है। माबलिंचिंग की एक नहीं…क ई वारदातों से जिले के लिये खतरनाक संकेत हैं।
राजेन्द्रग्राम में भीड द्वारा एक लैम्प्स प्रबंधक को मारते – पीटते थाने ले जाकर कानून व्यवस्था हाथ में लेने का मामला हो या जिला मुख्यालय में मुस्लिम समुदाय द्वारा एक युवक को मारते – पीटते कोतवाली ले जाने और उसके बाद दो दिन तक जिला मुख्यालय को अराजक बनाने की घटना या फिर हिन्दुस्तान पावर से राखड लेकर सकरा जा रहे वाहनों को कुछ युवाओं द्वारा तहसील कार्यालय के सामने गाली गलौज करते हुए खड़ा रखने का विषय । इन सभी वारदातों को जिले की जनता भूली भी नहीं है कि पुष्पराजगढ विधायक फुन्देलाल सिंह द्वारा जैतहरी के समीप उमरिया में स्वत: कुछ वाहनों को खडा करवा लिया गया। यदि विधायक, नेता , कार्यकर्ता, आम लोग ऐसे ही कानून व्यवस्था को हाथ मे लेकर काम करते रहेगें तो सामान्य आम आदमी को भी यही सब करने की प्रेरणा मिलने की बडी आशंका है।
दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि ऐसे सभी मामलों मे पुलिस, प्रशासन, खनिज विभाग असहाय दिखते हुए नियम – कायदों को हाथ में लेने वाले किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करता। उसकी यह रहस्यमयी चुप्पी उसे ही कटघरे मे खडा करती है।
इसी हफ्ते कोतमा में एक घटना प्रकाश में आई है , जिसमें सत्तारुढ दल के कुछ लोगों पर कोतमा में एक खनिज व्यवसायी के रेत भरे वाहनों को जबरन खड़ा करने और वाहन चालक से मारपीट करने की शिकायत थाने में दर्ज करवाई गयी है।
घटना की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं व्यवसायी मनीष गोयनका ने कोतमा थाने में लिखित शिकायत देते हुए आरोप लगाया है कि आशुतोष सराफ उर्फ आशु द्वारा अनैतिक रूप से खनिज वाहनों को रोककर अवैध वसूली एवं टी.पी. की जांच की जा रही है। मनीष गोयनका के संयुक्त रूप से चल रहे वाहन क्रमांक-MP18AA.6215 एवं MP18AA7012 को दिनांक 18.06 2021 को लगभग सुबह 10:30 बजे आशुतोष सराफ
द्वारा तहसील कार्यालय के पास रोककर वाहन मे लोड खनिज के संबंध में दस्तावेज मांगा गया । ड्राइवर द्वारा बताया गया कि किसी कारण से मोबाइल पर मैसेज नही आया है , आप ई-खनिज पोर्टल पर चेक कर लें, वाहन की टी.पी. काटी गई है ।जिस पर आशुतोष द्वारा मेरे ड्राइवर को गाली गलौचकर हाथापाई करने लगा और अपने मालिक को बुलाने को कहा गया। मेरे पहुचते ही पुलिस मौके
पर पहुच गी। मौके पर मेरे द्वारा पुलिस अधिकारियों को खनिज पोर्टल से टी.पी. की जांच कराई गई जो सत्य एवं सही पाया गया ।उसके बाद तहसीलदार,कोतमा भी मौके पर पहुंच गए ।उन्हे भी ई-खनिज पोर्टल से मौके पर टी.पी. की जांच कराई गई ।
इसके उपरांत भी आशुतोष सराफ द्वारा जबरदस्ती की कि टी.पी. फर्जी है। जिसकी जांच हेतु तहसीलदार द्वारा पंचनामा बनाकर टी.पी. की जांच हेतु
खनिज निरीक्षक को बुलाया गया। खनिज निरीक्षक द्वारा उपस्थित सभी लोगो का बयान लिया गया एवं उच्च अधिकारियों को जानकारी देने के उपरांत कार्यवाही का अश्वासन देकर मौके से चले गये । आज दिनांक तक प्रार्थी का वाहन मौका स्थल पर निर्णय के इंतजार
में खडा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आसुतोष सराफ को किस नियम एवं संविधानिक या प्रशासनिक अधिकार प्राप्त है कि वह किसी भी वाहन या खनिज वाहन को कहीं भी जांच करे , अवैध वसूली करे और
पैसा नही मिलने पर अपनी राजनीति का फायदा उठाकर कार्यवाही की बात मौके पर पहुचे अधिकारियों से करे एवं दबाव बनाए । श्री गोयनका ने पुलिस एवं खनिज विभाग को पत्र लिखकर आशुतोष के गैर कानूनी कृत्यों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी है।
लोगों का कहना है कि इस समय अनूपपुर जिले में जैसे शासन – प्रशासन नाम  चीज नहीं रह गयी है । जिले के  हुई कई घटनाओ से यही प्रतीत  होता है कि राजनीतिक दलों के नेताओ द्वारा जिले में चल रहे वाहनों को रोक कर  जाँच करने, कथित तौर पर गाली गलौज ,अपशब्दों का इस्तेमाल करने और फिर विभाग के कर्मचारियों पर कार्यवाही का अनावश्यक दबाव डालते हैं। वहीं इसमें कुछ निकल कर नही आता है। कोतमा में भाजपा मंडल अध्यक्ष पार्षद देवशरण सिंह और भाजपा नेता आशुतोष सराफ द्वारा रोके गए ट्रैक्टर का मामला हो या कांग्रेस के विधायक फुन्देलाल सिंह और उनके समर्थकों द्वारा जिले के जैतहरी थानांतर्गत उमरिया ग्राम में रेत के ट्रेक्टर रोकने का मामला हो दोनों मामलों में रेत के ट्रेक्टर के कथित तौर सभी दस्तावेज सही पाए गए और गाड़ियों को अनावश्यक कार्यवाही के नाम पर कई दिन रोका गया , फिर बिना कार्यवाही के छोड़ दिये गए । अब दोनों ही मामलों में कोतमा और जैतहरी थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है और कथित फर्जी जांचकर्ताओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से की गयी है।
इनका कहना है:-
मैंने ट्रेक्टर को इस लिए रोका क्योंकि वी बिना नंबर की गाड़ी अनियंत्रित तेजी से जा रहा था जिससे दुर्घटना होने की आशंका थी हमने गाड़ी रोक कर उससे रेत की ट्रांजिट पास के बारे में पूछा तो चालक ने अपना मोबाइल दे दिया जिसमें 25 मई के बाद कि कोई भी टी पी नही थी बाद में मनीष गोयनका ने आकर टीपी दिखाई गाड़ी मैंने वार्ड पार्षद की हैसियत से रोकी उस वक्त मेरे साथ आसुतोष सराफ और भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन भी थे।
देवशरण सिंह पार्षद कोतमा नगरपालिका
मैंने कोतमा थाने में शिकायत दर्ज कराई है आशुतोष सराफ के खिलाफ क्या किसी को लगे कि लोग ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करते है तो कोई भी बिना अधिकार के टिकट चेक करने लगेगा क्या जिले में प्रशासन नाम की कोई चीज है कि नही मेरी गाड़ी 4 दिन बिना किसी दोष खड़ी रही बिना जप्ती के मेरा क्या दोष कार्यवाही की मांग करता हूं।
मनीष गोयनका भाजपा नेता व्यवसाई

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