February 3, 2026

मोदी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 5 और जिलों को दी मेडिकल कॉलेज की सौगात

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 लखनऊ 
प्रदेश के 14 मेडिकल कालेजों में से पांच मेडिकल कालेजों के बनने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने अपनी सहायता से बनने वाले ललितपुर, कुशीनगर, बिजनौर, गोंडा और सुलतानपुर में पांच मेडिकल कॉलेज के बनाने पर अपनी प्रशासनिक मंजूरी भेज दी है। इन मेडिकल कालेजों में साल 2022 से 100-100 सीटों से एमबीबीएस की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग को वित्तीय मंजूरी मिलने का इंतजार है। यह मंजूरी भी दो-चार दिन में आने की उम्मीद है। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कार्यदायी संस्था को ढूंढना शुरू कर दिया है। अगले साल फरवरी से इनका निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। 

पांच जिलों ने पहले पूरे किए मानक
अभी हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक कमेटी की बैठक में प्रदेश सरकार के 14 मेडिकल कालेज के प्रस्ताव में पहले पांच जिलों के मेडिकल कालेजों पर विचार किया गया। पाया गया कि ललितपुर, कुशीनगर, बिजनौर, गोंडा और सुलतानपुर के जिला अस्पतालों के पास मानक के अनुसार 300 बेड हैं। इन जिलों के प्रशासन ने अस्पताल से 10 किमी के अन्दर मेडिकल कालेज की जमीन भी खोज ली है। इन पांच जिलों के प्रस्तावित मेडिकल कालेज मानक पर खरे उतरने के बाद कमेटी अन्य प्रस्तावित मेडिकल कालेज पर विचार करेगी।
केंद्र सरकार देगी 60 फीसदी रकम
केंद्र सरकार की जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने की नीति है।  इसके तहत केंद्र सरकार मेडिकल कालेज बनाने में 60 फीसदी और राज्य सरकार का 40 फीसदी खर्च करेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसी नीति पर मेडिकल कालेज बनने वाले जिलों का प्रस्ताव प्रदेश सरकार से मांगा था। 

इन 14 जिलों में बनेंगे मेडिकल काॅलेज
प्रदेश सरकार ने बिजनौर, बुलंदशहर, ललितपुर, औरैया, कुशीनगर, सुलतानपुर, अमेठी, गोंडा, कौशाम्बी, कानपुर देहात, सोनभद्र, चंदौली, पीलीभीत और लखीमपुर- खीरी के जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने का प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा है। 

अमेठी मेडिकल कॉलेज के भी मंजूर होने की उम्मीद
इनमें अमेठी का जिला अस्पताल केंद्र सरकार के  जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने के मानकों पर खरा नहीं उतरा था। अब चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसीलिए अमेठी जिले और संसदीय क्षेत्र में आने वाले तिलोई में मेडिकल कालेज में बनाने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा है।  विभाग ने प्रस्ताव में बताया है कि चूंकि तिलोई में मातृ-शिशु कल्याण अस्पताल में 200 बेड हैं, इसलिए वह अस्पताल  मेडिकल कालेज बनाने के लिए 10 किलोमीटर दूरी के मानकों को भी पूरा कर रहा है। राज्य सरकार को को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मानकर अमेठी में भी मेडिकल कालेज की बनाने को मंजूरी दे देगी।

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