धनपुरी में चोरों के हौसले पस्त, दीवार में सेंध लगाने वाले गिरोह का 48 घंटे में पर्दाफाश

एसपी के सख्त निर्देश और थाना प्रभारी विनय सिंह गहरवार की रणनीति से पुलिस को मिली बड़ी सफलता,
दो आरोपी गिरफ्तार और एक बाल अपचारी पकड़ा गया; डेढ़ लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद
धनपुरी। अपराधियों के हौसले पस्त करने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए शहडोल पुलिस की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। धनपुरी में दुकान की पिछली दीवार में सेंध लगाकर लाखों रुपये का सामान चोरी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो आरोपियों के साथ एक विधि विरुद्ध बालक को भी पकड़ा है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत का चोरी गया सामान, वारदात में इस्तेमाल लोहे की सब्बल और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक शहडोल के दिशा-निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी धनपुरी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी धनपुरी निरीक्षक विनय सिंह गहरवार के कुशल नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थाना प्रभारी ने टीम के साथ जिस तत्परता और रणनीतिक ढंग से जांच को आगे बढ़ाया, उससे चोरों को भागने और चोरी का सामान खपाने का मौका नहीं मिल सका।
दीवार में सेंध लगाकर साफ कर दी थी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान
जानकारी के अनुसार कैंप नंबर-12 निवासी खूबलाल गुप्ता (37), पिता जवाहर गुप्ता की कैंप नंबर-1 पुलिया के पास अंकित इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से दुकान है। फरियादी 3 नवंबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन 4 नवंबर की सुबह करीब 4 बजे दुकान की लाइट जलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर जब उन्होंने शटर खोला तो दुकान का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और पीछे की दीवार में बड़ा छेद कर चोरों ने सेंधमारी की वारदात को अंजाम दिया था।
चोर दुकान से सीलिंग फैन, जेब्रोनिक्स, इनटोन और यूनिवर्सल कंपनी के साउंड बॉक्स, सूर्या कंपनी का इलेक्ट्रिक इंडक्शन, झालर एवं झूमर लाइट, हैवेल्स का मिक्सर, इंडो और सूर्या के वॉटर हीटर, चेस कंपनी का सामान, बल्ब, गैस चूल्हा, बिजली के तारों के बंडल, एग्जॉस्ट फैन सहित कई कीमती वस्तुएं पार कर गए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर धनपुरी थाने में अपराध क्रमांक 323/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) एवं 305(ए) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एसपी के निर्देश पर सक्रिय हुई पुलिस टीम, 48 घंटे में खुला राज
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शहडोल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी धनपुरी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक विनय सिंह गहरवार ने विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास साक्ष्य जुटाने के साथ तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार सुराग तलाशने और संदिग्धों पर नजर रखने के बाद पुलिस ने 6 नवंबर को संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में चोरी की वारदात का खुलासा हुआ और आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक बाल अपचारी भी पकड़ाया
पुलिस ने इस मामले में मो. राजा (24), पिता मो. इलियास, निवासी विलियस नंबर-1, धनपुरी तथा रोहन कोल (20), पिता लालू प्रसाद कोल, निवासी मुंडा दफाई, धनपुरी को गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक विधि विरुद्ध बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
डेढ़ लाख का माल बरामद, वारदात में इस्तेमाल सब्बल भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के संयुक्त कब्जे एवं निशानदेही से चोरी गया इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपयोग का सामान बरामद किया है। इसमें पंखे, साउंड बॉक्स, इंडक्शन, झालर लाइट, मिक्सर, वॉटर हीटर, गैस चूल्हा, बिजली के तार सहित अन्य सामग्री शामिल है। इसके अलावा दीवार में सेंध लगाने के लिए इस्तेमाल की गई लोहे की एक सब्बल और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
टीमवर्क से मिली सफलता, पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनय सिंह गहरवार के साथ उपनिरीक्षक नागेंद्र प्रताप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक राजू प्रसाद, शैलेंद्र सिंह राठौर, रामनाथ बांधव, सनत कुशवाहा, अक्षय अहिरवार, राकेश सिंह, सुषमा गौतम तथा आरक्षक कोमल प्रसाद, लखन पाटले, राघवेंद्र सिंह, सतवंत, प्रदीप बड़करे एवं राजेश शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
धनपुरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठित तरीके से अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस पूरी सतर्कता और सख्ती से कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और थाना प्रभारी के प्रभावी नेतृत्व में मिली यह सफलता क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।