February 3, 2026

डबल मर्डर की गुत्थी सुलझी, दिल्ली पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

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नई दिल्ली 

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फाइनेंसर अमित हुड्डा और उसके नौकर निखिल गुलाटी के कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इस दोहरे हत्याकांड को पैसे के लेन-देन के विवाद की वजह से अंजाम दिया गया.

आपको बता दें कि 14 अक्टूबर को रात के समय करीब आठ बजे अमित हुड्डा अपने नौकर निखिल गुलाटी के साथ नवीन से रुपये लेने के लिए गया था. इसके बाद वह वापस नहीं लौटा. रात के समय परिजनों ने अमित हुड्डा के पास कई बार फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ.

इसके बाद अमित हुड्डा की तलाश करते हुए परिजन नवीन के घर पहुंच गए, तो वहां से नवीन भी गायब मिला. जिसके बाद दिल्ली के शाहबाद डेयरी थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया. इसके बाद रोहिणी की मुनक नहर से 17 अक्टूबर को दोनों की लाश बरामद हुई.

नवीन से चल रहा था लेन-देन का मामला

इस जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमित हुड्डा की नवीन नाम के एक शख्स से पैसे के लेन-देन का मामला चला रहा था. इस बाबत दोनों की कई बार लड़ाई भी हुई थी. क्राइम ब्रांच के डीसीपी डॉ. जॉय टर्की ने बताया कि नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर राममनोहर की टीम ने बवाना निवासी नवीन और रजनीश को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है.

आरोपियों को पटना के मीठापुर बस स्टैंड से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे. क्राइम ब्रांच की जांच में आरोपी नवीन ने बताया कि उसने फाइनेंसर अमित हुड्डा से करीब एक साल पहले 3 लाख रुपये उधार लिए थे. इससे उसने शाहबाद डेरी इलाके में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री लगाई थी, लेकिन घाटा होने की वजह से वह उधार नहीं चुका सका. वहीं, अमित पैसे वापसी के लिए उस पर लगातार दबाव बना रहा था.

घाटा होने के बाद उठाया नवीन ने कदम

इसके बाद उसने अमित हुड्डा को मारने का फैसला कर लिया. इस साजिश में उसने रजनीश और एक अन्य साथी विकास को शामिल किया. पहले वारदात वाले दिन नवीन ने रोहिणी सेक्टर 24 स्थित फ्लैट में शराब की दावत रखी, जहां अमित हुड्डा अपने कर्मचारी निखिल के साथ पहुंचा.

नींद की गोलियों के बाद मारी गोली

इसके बाद तीनों आरोपियों ने धोखे से अमित हड्डा और निखिल गुलाटी की शराब की गिलास में नींद की गोलियां मिला दी. जब दोनों बेहोश हो गए, तब दोनों को कार में बैठाकर बवाना नहर के पास ले गए. इसके बाद वहां सुनसान जगह पर गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी और फिर दोनों की लाशों को आरोपियों ने नहर में फेंक दिया. आरोपी रजनीश पर पहले से ही हत्या, हत्या का प्रयास और अवैध हथियार समेत 9 मुकदमे दर्ज हैं. वह 2014 में तिहाड़ जेल से बाहर आया था. वह नवीन के गांव का रहने वाला है. हत्या का तीसरा आरोपी विकास अभी फरार है.

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