February 3, 2026

जल शक्ति अभियान में होगी सभी की भागीदारी

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news no. 45

 भारत सरकार के संयुक्त सचिव  अग्रवाल ने 
अधिकारियों की बैठक लेकर अभियान की समीक्षा की

1 जुलाई से 15 सितंबर तक ‘‘संचय जल-बेहतर कल‘‘ थीम के तहत आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां
भारत सरकार ने रायपुर जिले के धरसींवा और बलौद जिले के गुरूर ब्लाक का किया है चिन्हांकन 

रायपुर, 11 जुलाई 2019/ भारत सरकार के जल शक्ति अभियान के तहत एक जुलाई से 15 सिंतबर तक जल संरक्षण और संवर्धन की विभिन्न जनजागरूकता और जनसहभागिता की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। भारत सरकार के जहाजरानी मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री रबिन्द्र अग्रवाल ने आज यहां जिला कलेक्टोरट परिसर स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में बैठक सह कार्यशाला में धरसींवा विकासखण्ड सहित पूरे रायपुर जिले मंे जल शक्ति अभियान के तहत आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी ली। गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा पूरे देश में प्रथम चरण में 257 ऐसे स्थलों का चिन्हांकन किया है जहां भू-जल का स्तर नीचे है, इन स्थलों में रायपुर जिले के धरसींवा और बलौद जिले के गुरूर ब्लाक भी शामिल है। इन स्थानों पर बारिश के जल का संरचन कर गिरते भू-जल के स्तर को बढ़ाने के लिए जल शक्ति अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
संयुक्त सचिव श्री अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जल शक्ति अभियान के तहत पूरे देश मंे करीब 257 जिलों को चिन्हांकित किया गया है जहां ग्राउण्ड वाॅटर लेबल नीचे चला गया है। इन क्षेत्रों में एक जुलाई से 15 सिंतबर तक स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए संचय जल-बेहतर कल थीम पर विशेष अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भू-जल का रिचार्ज, जल की उपलब्धता बढ़ाने तथा सिंचाई सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करना है। इसके लिए जल संरक्षण और वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य, परम्परागत जल संरचना और तालाब का पुर्ननवीनीकरण, वाॅटरशेड के कार्य, बोरवेल संरचनाओं का रिचार्ज और उनका पुनः उपयोग तथा सघन वृक्षारोपण के कार्य प्रमुखता से किए जाएंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस अभियान के तहत आयोजित कार्यो और गतिविधियों में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाएगी ताकि जल संचय लोगों की आदत में शामिल हो जाए और भविष्य में उन्हें जल संकट का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर डाॅ.एस. भारतीदासन ने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत धरसींवा सहित पूरे जिले में एक जुलाई से 15 सितंबर तक विशेष अभियान का आयोजन किया जा रहा है। चालू मानसून सत्र के दौरान जिले के सभी गौठानों, चारागाह, उद्यानों, बड़े-बड़े खाली पड़े शासकीय भू-खण्डों में करीब 7 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। जिले के सभी हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूल और काॅलेजों में जल-जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित बच्चों और उनके पालकांे को जागरूक करने के साथ ही ग्राम पंचायतों में जल-चैपाल लगाकर जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यो में ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ायी जाएगी। शासकीय कार्यालय भवनों, स्कूल, काॅलेजो, जिले की औद्योगिक इकाईयों तथा शहर के उद्यानों में वाटर हार्वेस्टिग बनाए जा रहे है। लोगों को भी अपने घरों में वर्षा के जल संचयन के लिए वाॅटर हार्वेस्टिंग लगाने के लिए पे्रेरित किया जा रहा है। एन.सी.सी., एन.एस.एस., नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से गांव में जल संरक्षण जगरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है और यह अभियान के दौरान निरंतर जारी रहेंगे।
रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री शिव अनंत तायल ने बताया कि नगर क्षेत्र के 45 तालाबों को संरक्षण और संवर्धन के लिए चिहांकित किया गया है। तेलीबांधा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए पानी साफ कर तालाब में प्रवाहित किया जा रहा है। इसी तरह शहर के सभी उद्यानों में सद्यन वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने जल शक्ति अभियान के तहत धरसींवा ब्लाक सहित पूरे जिले में जिला पंचायत, कृषि, जल संसाधन, शिक्षा, वन आदि विभागों के माध्यम से आयोजित की जाने वाले कार्यो और गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की । बैठक में भारत सरकार से आए वरिष्ठ भू-जल वैज्ञानिक डाॅ. चदंन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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