संविधान की पुनीत भावना से ही राष्ट्र की प्रगति संभव – जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला ख़ान

देपालपुर (इंदौर) – 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देपालपुर न्यायालय परिसर में तहसील विधिक सेवा समिति एवं अधिवक्ता संघ देपालपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य, अनुशासित एवं गरिमामय समारोह का आयोजन जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। समारोह ने देशभक्ति, संवैधानिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल कोर्ट देपालपुर में जिला न्यायाधीश माननीय श्री हिदायत उल्ला ख़ान द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर सशस्त्र पुलिस गार्ड द्वारा तिरंगे को सलामी दी गई, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रगौरव और देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालयीन कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला ख़ान ने कहा कि भारतीय संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित यह संविधान ही राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति का आधार है। जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करता है, तभी सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण संभव होता है।उन्होंने सभी नागरिकों से संविधान के प्रति निष्ठा रखते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
समारोह में वरिष्ठ न्यायाधीश श्रीमती रिजवाना कौसर,अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अंतर सिंह मौर्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र पटेल, प्रकाश धाकड़,मनोज देसाई, योगेंद्र यादव,श्रीमती रजनी पवार, नायब नाजिर दिलीप यादव सहित अन्य वक्ताओं ने उपस्थित जनों को संविधान की गरिमा के साथ न्यायिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए समाज में न्याय एवं समरसता के प्रसार हेतु सतत प्रयास करने का संकल्प दिलाया।
समारोह में गत वर्ष आयोजित हुई नेशनल लोक अदालतों में सर्वाधिक प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिवक्ताओं एम.डी.बैरागी, चिंतामन बाथम, पवन जोशी एवं श्रीमती रजनी पवार को तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष व जिला न्यायाधीश माननीय हिदायत उल्ला खान द्वारा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान अधिवक्ताओं की कर्तव्यपरायणता, सामाजिक सरोकार और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम में न्यायाधीशगण सुमित्रा ताहेड़, दिव्या श्रीवास्तव, अधिवक्ता पवन जोशी, चेतन राठौर,चिंतामन बाथम, कृष्णा जाधव, सुधांशु सोलंकी, विश्वजीत यादव, विपिन धाकड़, अभिषेक पटेल,सुरेंद्र सिंह ठाकुर, चिंतामन परिहार, राजीव पटेलसहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं समस्त न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
समारोह का प्रभावी संचालन अधिवक्ता चेतन हार्डिया ने किया और आभार सचिव दिनेश डोंड ने व्यक्त किया।
गणतंत्र दिवस का यह समारोह राष्ट्रभक्ति, संवैधानिक चेतना और सामाजिक एकता के संदेश के साथ अत्यंत सफल, प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी रहा।