लोकतंत्र की आत्मा है मताधिकार – जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान

उप जेल देपालपुर में बंदियों को विधिक अधिकारों व मताधिकार के प्रति किया गया जागरूक
देपालपुर (इंदौर) – राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर तहसील विधिक सेवा समिति एवं जेल प्रशासन देपालपुर के संयुक्त तत्वावधान में सबजेल देपालपुर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील विधिक सेवा समिति देपालपुर के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला ख़ान द्वारा की गई।
इस अवसर पर उप जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय मतदाता दिवस के महत्व, उद्देश्य और लोकतंत्र में मताधिकार की उपयोगिता पर सारगर्भित प्रकाश डाला गया।
जिला न्यायाधीश माननीय हिदायत उल्ला ख़ान ने अपने प्रभावशाली संबोधन में कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की आत्मा है। यह केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक संवैधानिक कर्तव्य भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है तथा जागरूक मतदाता ही सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है।
जिला न्यायाधीश श्री खान ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 की थीम “मेरा भारत,मेरा वोट” की भावना के अनुरूप, समाज के प्रत्येक वर्ग तक लोकतांत्रिक मूल्यों की पहुँच सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। मतदाता जागरूकता से न केवल लोकतंत्र सुदृढ़ होता है, बल्कि नागरिकों में संविधान के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र मोहम्मद सुहेल साकिब ने बंदियों को शानदार मतदाता जागरूकता गीत सुनाकर आवश्यक मतदान हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सहायक जेल अधीक्षक आर.एस.कुशवाह ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए बंदियों को यह बताया कि विधि द्वारा प्रदत्त अधिकारों की जानकारी ही व्यक्ति को सशक्त बनाती है और कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। उन्होंने छात्र मोहम्मद सुहेल को मेडल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।
उक्त अवसर पर प्रमुख मुख्य प्रहरी रामेश्वर झणिया, प्रहरी गौरव चौरसिया,विवेक शर्मा, रविंद्र सोलंकी,लोकेंद्र सिंह वर्मा, महिला प्रहरी एकता पटेल, निर्मला मोरी एवं आरती सोलिया सहित समस्त बंदीगण उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल विधिक जागरूकता की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा, बल्कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस के संदेश को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाने की एक प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।