February 2, 2026

शहडोल में पत्रकार एकता का ऐतिहासिक उद्घोष,शैलेंद्र तिवारी बने भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष

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शहडोल।राजा विराट की ऐतिहासिक नगरी शहडोल रविवार, 18 जनवरी 2026 को पत्रकारिता जगत के लिए एक स्मरणीय और प्रेरक क्षण की साक्षी बनी, जब देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित पत्रकार संगठन IFWJ (इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट) के अंतर्गत संचालित भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की शहडोल जिला इकाई का “पत्रकार मिलन समारोह 2026” गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
श्रेयांश रिसोर्ट में प्रातः 11 बजे से आयोजित इस समारोह में संभाग व जिले के सैकड़ों पत्रकारों की उपस्थिति ने पत्रकार एकता, स्वाभिमान, अधिकार और संगठनात्मक मजबूती का सशक्त संदेश दिया। आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि शहडोल का पत्रकार समाज अब संगठित, सजग और अपने अधिकारों के प्रति दृढ़ संकल्पित है।
राष्ट्रीय सहमति से मंच पर घोषित हुए जिलाध्यक्ष
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण तब आया, जब भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव जी की सहमति के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम जी ने मंच से शैलेंद्र तिवारी (संवाददाता – जन-दुनिया) को सर्वसम्मति से शहडोल जिला इकाई का जिलाध्यक्ष घोषित किया।
इस घोषणा के साथ ही संगठन को नई ऊर्जा, सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शी दिशा प्राप्त हुई, जिसने उपस्थित पत्रकार साथियों में उत्साह और विश्वास का संचार किया।
प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम का प्रेरक उद्बोधन
मुख्य अतिथि उपेंद्र गौतम ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में संगठन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की स्थापना 1950 में हुई थी। यह देश का सबसे पुराना और 15 राज्यों में सशक्त उपस्थिति वाला संगठन है। पत्रकार केवल खबरें नहीं लिखता, बल्कि समाज की आवाज़ बनता है। संगठन ही वह शक्ति है, जो पत्रकार को सम्मान, सुरक्षा और अधिकार प्रदान करता है।”
उन्होंने संगठन विस्तार, मजबूत संरचना और अधिमान्यता को पत्रकारों के भविष्य की सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल बताया।
एकजुट पत्रकार—अडिग आवाज़
वरिष्ठ पत्रकार अरविंद द्विवेदी ने कहा कि जब पत्रकार संगठित होता है, तो उसकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने अधिमान्यता, सशक्त नेतृत्व और संगठनात्मक अनुशासन को पत्रकार हितों की स्थायी गारंटी बताया।
“संगठन ही पत्रकार की असली ताकत”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राहुल सिंह राणा ने कहा—
“हम सभी पत्रकार साथियों के सहयोग से संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पत्रकार समाज की आवाज़ है और संगठन उसकी शक्ति।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और संगठन को जनहित व पत्रकार हित में और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
गरिमामय मंच, अनुभवी नेतृत्व
कार्यक्रम का मंच अत्यंत गरिमापूर्ण रहा। मंच संचालन श्यामदास मानिकपुरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अरुण कुमार द्विवेदी द्वारा किया गया।
मंचासीन विशिष्ट अतिथियों में घनश्याम डंडोतिया, ऋतूपर्ण दवे, गोपाल दास बंसल, अनिल द्विवेदी, अरविंद द्विवेदी, लुकमान अली सहित अनेक वरिष्ठ व अनुभवी पत्रकार शामिल रहे, जिन्होंने संगठन की आवश्यकता और पत्रकार एकता के महत्व पर अपने विचार रखे।
शोकसभा: दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में मानवीय संवेदना और सम्मान की परंपरा का निर्वहन करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
श्रद्धांजलि अर्पित की गई—
स्व. चंद्रशेखर त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार,
ऋतूपर्ण दवे जी की माताजी,
अरविंद पांडे जी की माताजी,
एवं कृष्णा तिवारी जी की माताजी को।
यह क्षण पूरे समारोह को भावनात्मक और गरिमामय बना गया।
पत्रकार स्वाभिमान की रक्षा की मजबूत ढाल
शहडोल में आयोजित यह पत्रकार मिलन समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पत्रकार एकता, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प बनकर उभरा।
नव नियुक्त जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में संगठन को नई दिशा और मजबूती मिली है। यह विश्वास और दृढ़ हुआ है कि शहडोल से उठी पत्रकार एकता की यह आवाज़ आने वाले समय में पत्रकार हितों की सशक्त और प्रभावी मिसाल बनेगी।

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