अटल मार्ग बना प्रेरणा का पथ,धनपुरी में अटल जन्मशताब्दी पर ऐतिहासिक नामकरण, विकास और राष्ट्रचिंतन का संगम

धनपुरी।भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर नगर पालिका परिषद धनपुरी द्वारा नगर के विकास इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा गया। वार्ड क्रमांक 1, 2 एवं 3 के मध्य निर्मित प्रमुख मार्ग को “अटल मार्ग” नाम दिया गया। इस अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित कर विधिवत शिलालेख का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम शासन निर्देशानुसार 25 दिसम्बर 2025, गुरुवार को सम्पन्न हुआ। यह मार्ग अमरकंटक रोड स्थित किशोर इंजीनियरिंग वर्क्स से शासकीय नेहरू डिग्री कॉलेज धनपुरी एवं बुढ़ार सीमा बालिका छात्रावास से सरईकापा रोड तक विस्तारित है, जिसे अब “अटल मार्ग” के नाम से जाना जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयसिंह मरावी रहे। अध्यक्षता नगर पालिका परिषद धनपुरी की अध्यक्ष रविन्दर कौर छाबड़ा ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में सभापति नीतू सोनकर, भोला प्रसाद पनिका, आनंद कचेर, प्रवीण बड़ोलिया, नारायण जायसवाल, पार्षद विजय यादव, स्कंद कुमार सोनी, पूर्व पार्षद अरविंद सिंह, कालीचरण चौधरी, इब्राहिम, शिक्षक प्रवीण त्रिपाठी, घनश्याम मिश्रा, मोहन सोनी, आशीष राय, आसू जायसवाल, कैलाश सोनकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि जयसिंह मरावी ने अपने संबोधन में अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शी नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, संस्कार और सुशासन की जीवंत परंपरा थे। वहीं अध्यक्ष रविन्दर कौर छाबड़ा ने अटल जी के जीवन, उनके सिद्धांतों और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मार्ग आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी पूजा बुनकर ने सभी अतिथियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। भावपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ।
अटल मार्ग—विकास, विचार और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनकर धनपुरी की पहचान में एक नया अध्याय जोड़ गया।