आजाद हिंद फौज में हिंदू मुसलमान सिख इसाई सब मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे। ऐसे महान नेताओं के साथ सावरकर की मूर्ति लगाना ठीक नहीं है। सावरकर ने तो अंडमान निकोबार के काला पानी से छूटने के लिए अंग्रेजों से एक बार नहीं अनेक बार माफी मांगी थी।: त्रिवेदी
अब इतिहास को बदलना चाहता है संघ परिवार : त्रिवेदी छात्रसंघ चुनाव में वोटों के लिये छात्रों के साथ छलावा...