*संभाग भर में खुले फर्जी पैथालॉजी लैब, सीजन आते ही खुल गई खून चूसने की दुकान*

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जोगी एक्सप्रेस 

*शहडोल{म.प्र .}संभाग अंतर्गत जनपद पंचायत बुढ़ार में कुछ माह पूर्व स्वास्थ्य अमला ने दबिश देकर अवैध रूप से चल रहे पैथालॉजी लैब को बंद कराते हुए सील किया था लेकिन लैब संचालको ने कुछ माह बाद सांठगांठ करके फिर से अपनी दुकान खोल ली है। नगर के अंदर गली-गली पैथालॉजी लैब खुल गये है जिला प्रशासन के नाक के नीचे संचालित इन लैबो में मरीजों की खुली लूट हो रही है। और जिला प्रशासन आँख में पट्टी में बाँधे बैठा हुआ है। गर्मी के बाद बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और इस समय पर मौसमी बीमारियां तेज गति से फैलती है जिससे जनता परेशान होती है बीमारियों की गिरफ्त में आने वाली मरीज इन फर्जी पैथालॉजी सेंटरों की चक्कर में आ जाते है और एक गलत रिर्पोट के कारण उनकी बीमारी ठीक होने के बजाय और बढ़ जाती है। सरकारी डॉक्टरों की सांठगांठ से इनकी दुकानदारी खूब चल रही है जिस पर प्रशासन मूक सहमति प्रदान किये हुए है।जिन पैथालॉजी सेंटरों पर प्रशासन ने ताला लगवाया था वह सभी सीजन की शुरूआत होते ही फिर से खुल गई है जहां पर अब मरीजों का खून चूसने का काम शुरू हो गया है। पैथालॉजी लैब फर्जी तरीके से शहडोल संभाग के अंदर संचालित हो रहे है लेकिन इन पर ठोस कार्यवाही न होने से मनोबल बढ़े हुए है। तमाम तरह की बीमारियों की जाँच का जिम्मा उठाने वाले ऐसे फर्जी लैब की रिर्पोटे अकसर मर्ज के विपरीत निकलती है जिससे मरीजों को संघर्ष का सामना करना पड़ता है।

*न डिग्री का पता न डॉक्टर का पता हो रही जाँच *

पैथालॉजी लैब चलाने के लिए लैब टेक्नीशियन की डिग्री होनी चाहिए लेकिन शहडोल जिले के अंदर जितने भी पैथालॉजी लैब संचालित है उनके संचालको के पास कोई भी डिग्री नहीं है फिर भी खुलेआम मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ करने पर उतारू है कई बार इनकी एक गलत रिपोर्ट के कारण मरीजों को अपनी जान तक गवानी पड़ी है फिर भी इनकी दुकानों पर कार्यवाही नहीं हो रही है।

*सब्जी मंडी की तरह एक दुकान में कई जाँच*

पैथालॉजी लैब की आड़ में संचालको द्वारा एक्स-रे, सोनाग्राफी, ब्लड की जाँच तथा अन्य बीमारियों की जाँच इनके द्वारा की जा रही है। एक्स-रे सोनोग्राफी जैसे मशीनों का उपयोग ऐसा हाथों के द्वारा हो रहा है जिनके हाथो में कोई डिग्री नहीं है। मापदण्डों को दरकिनार करते हुए पैथालॉजी के संचालक मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है।

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स्वास्थ्य विभाग की ख़ास मेहरबानिया 

ऐसा नहीं है इन फर्जी पैथालॉजी लैबो की जानकारी नहीं है अधिकतर मरीज इन्ही लैबो के रिर्पोट लेकर सरकारी डॉक्टरों के पास भी जाते है और डॉक्टर भी उसी रिर्पोट को आधार मानकर इलाज शुरू कर देते है जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को ऐसी रिर्पोटो को आधार बनाकर पैथालॉजी चलाने वाले सेंटर के संचालक के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए।

इनका कहना है….

कुछ माह पूर्व हमारे द्वारा बुढ़ार क्षेत्र में कार्यवाही किया गया था अगर एमबीबीएस डॉक्टर शपथ पत्र देता है तो उस शपथ पत्र के आधार पर पैथालॉजी लैब खोलने की अनुमति दिया जा सकता है यदि सील हुई पैथालॉजी फिर से खोल ली गई है तो जल्द ही संयुक्त टीम बनाकर कार्यवाही की जायेगी।
अम्बिका प्रसाद द्विवेदी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शहडोल

भानु प्रताप साहू

जोगी एक्सप्रेस  शहडोल मध्यप्रदेश 

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