February 3, 2026

आवासीय काॅलोनी निर्माताओं को निर्देश: एक ही प्रोजेक्ट के लिए अलग-अलग प्रकार के ब्रोशर प्रकाशित ना करें छत्तीसगढ़ रेरा ने जारी किया परिपत्र

0
IMG-20181027-WA0044


रायपुर,  छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने आवासीय काॅलोनियों के निर्माताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने एक ही रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार के लिए एक से अधिक अलग-अलग ब्रोशर प्रकाशित और वितरित ना करें। रेरा ने इस सिलसिले में परिपत्र जारी करते हुए कहा है कि प्रत्येक प्रमोटर द्वारा अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विज्ञापन और प्रचार-प्रसार के लिए ब्रोशर अथवा प्राॅस्पेक्टस का प्रकाशन किया जाता है।
परिपत्र में कहा गया है कि विभिन्न परिवादों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण के संज्ञान में ये तथ्य आएं हैं कि कतिपय प्रमोटरों द्वारा एक ही प्रोजेक्ट के लिए एक से ज्यादा भिन्न-भिन्न ब्रोशर जारी किए गए हैं, जो उचित नहीं है। इससे मकान खरीदने वालों और अन्य संबंधितों में भ्रांति पैदा होती है। परिपत्र में ब्रोशर से संबंधित विसंगतियों को दूर करने और इनमें एकरूपता लाने के लिए भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 37 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी संबंधित प्रमोटरों को निर्देश जारी किए गए हैं कि ब्रोशर एक ही प्रकार का होना चाहिए। प्रत्येक ब्रोशर में संबंधित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का रेरा से प्राप्त पंजीयन नम्बर और छत्तीसगढ़ रेरा की वेबसाइट का पता मुख्य पृष्ठ पर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। ब्रोशर के अंतिम पृष्ठ पर इसके मुद्रक और प्रकाशक का नाम, पता, प्रकाशन की तारीख और मुद्रित प्रतियों की संख्या भी अनिवार्य रूप से अंकित की जाए। ब्रोशर को मकान खरीदने वाले (आवंटिति) के साथ किए जाने वाले विक्रय-अनुबंध का अनिवार्य भाग बनाया जाए।
रेरा के परिपत्र में प्रमोटरों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि उनके द्वारा ब्रोशर की प्रति छत्तीसगढ़ रेरा के कार्यालय के साथ-साथ विकास अनुज्ञा देने वाले तथा कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने वाले सक्षम प्राधिकारी को ब्रोशर की छपाई के दस दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। प्रमोटरों द्वारा प्रकाशित ब्रोशर में यथासंभव किसी भी तरह का संशोधन अथवा परिवर्तन नहीं किया जाए। अपवाद स्वरूप परिस्थितियों में यदि ब्रोशर में वर्णित सुविधाओं में कोई परिवर्तन जरूरी हो तो प्रमोटर द्वारा छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा विनियामक अधिनियम की धारा 14 (2) के प्रावधानों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजधानी रायपुर के शास्त्री चैक स्थित छत्तीसगढ़ रेरा के कार्यालय में आकर अथवा उनकी वेबसाइट रेराडाॅटसीजीस्टेटडाॅटजीओव्हीडाॅटइन/ (rera.cgstate.gov.in/½ पर भी प्राप्त की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed