आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान — मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई दी। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद मिली यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने पुलिस सेवा को अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की सुरक्षा करना है और जनता का विश्वास बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और प्रतिष्ठा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार प्रशिक्षु अब व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में पुलिसिंग के क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। भविष्य की पुलिस को सक्रिय, तकनीक-संचालित और सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह बैच इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षित पहला बैच है, जो न्याय व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास के तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है। पुलिस को समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और मजबूत करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।