मुख्यमंत्री साय ने जुनवानी नर्मदा धाम में की पंच कुंडीय रुद्र महायज्ञ की परिक्रमाव्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

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मुख्यमंत्री पंच कुंडीय रुद्र महायज्ञ एवं शिव महापुराण कथा में हुए शामिल
रायपुर। चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी नर्मदा धाम में आयोजित पंच कुंडीय रुद्र महायज्ञ एवं शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव से विधि-विधान के साथ यज्ञ की परिक्रमा की तथा व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिवादन किया और सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय रुद्र महायज्ञ एवं शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि इस पावन यज्ञ में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि साहू समाज एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो सदैव समाज को दिशा देने का कार्य करता रहा है। उन्होंने दानवीर भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने त्याग और दान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि रायगढ़ में पूज्य सत्यनारायण बाबा भी इसी समाज से हैं, जो पिछले 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्या में लीन हैं और समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो उसका लाभ केवल उस समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे पूरे राष्ट्र का विकास होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि साहू समाज इसी तरह संगठित और सशक्त होकर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यहां आयोजित रुद्र महायज्ञ एवं कथा से प्रदेश के श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। भगवान राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी धरती पर बिताया, वहीं माता शबरी का पावन स्थान भी यहीं स्थित है। उन्होंने बताया कि व्यासपीठ पर विराजमान संत-महात्माओं की कृपा से प्रदेश में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का पावन कार्य भी किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को सशक्त करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “रामलला दर्शन योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत प्रदेश के लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना का लाभ ले चुके हैं। साथ ही “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के तहत बुजुर्गों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रमुख है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को प्रलोभन, दबाव और भ्रम के माध्यम से धर्मांतरण कराने की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से सख्त प्रावधान किए गए हैं। इस कानून के माध्यम से किसी भी प्रकार के छल, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन पर रोक सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही विवाह के माध्यम से धर्मांतरण के दुरुपयोग पर भी नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा और समाज की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा धाम में पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों में शामिल होना क्षेत्रवासियों की आस्था से जुड़ा विषय है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि भागवत, शिव महापुराण कथा और यज्ञ जैसे आयोजनों में सभी को भाग लेना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी को जरूरी बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ सकेगी।
इस अवसर पर पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

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