आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0
IMG-20260322-WA0037


कसडोल में कंवर समाज सामुदायिक भवन तथा पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने पारंपरिक गोंडी रीति-रिवाज से दांपत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सुखमय दांपत्य जीवन की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदायिक भवन तथा नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए, और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति को मानने वाले आदिवासी समाज प्रकृति के पुजारी हैं और जल, जंगल व जमीन की रक्षा में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस वर्ष 200 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। वहीं, प्रधानमंत्री जनमन योजना जनजातीय समुदाय के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। परंपराओं को संरक्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत बैगा, गुनिया और सिरहा को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी समुदाय की आय का प्रमुख स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। तेंदूपत्ता संग्रहण का पारिश्रमिक 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। साथ ही वनोपज संग्रहण के दौरान सुरक्षा के लिए चरण पादुका वितरण योजना फिर से शुरू की जा रही है, जिसके लिए बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने सामूहिक विवाह को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे समाज में एकजुटता बढ़ती है और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण होता है। हाल ही में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 10 मार्च को प्रदेश में 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed