February 3, 2026

करोडो के घोटाले के आरोपी अस्पताल में कर रहे आराम

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गौरेला,सोहैल आलम ,बिना डीओ के धान उठाव कर  कस्टम मिलिंग करने और सरकारी चावल जमा नहीं करने वाले दो रशुखदार राइस मिलर्स को बिलासपुर आईजी की विशेष टीम ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से दोनों आरोपियों को गोरखपुर जेल भेज दिया गया और अब मामले में नयामोड़  तब आ गया जब गोरखपुर जेल में कैदियों का इलाज करने वाले  चिकित्सक ने एक आरोपी को  गम्भीर बीमारी से ग्रसित होने का हवाला देते हुये अस्पताल में भर्ती  कर दिया है। दरअसल पुरा मामला 2016 में धान खरीदी के दौरान पेंड्रा मेंबगैर डीओ आदेश पत्र के मौखिक आदेश पर 11 हजार 6 सौक्विंटल धान उठाव किए जाने का मामला सामने आया था।छत्तीसगढ राइस मिल कोटमी के संचालक हेमंत श्रीवास्त उर्फमिन्टू और उसके साथ ही हरिहर राइस मिल दुबटिया पेंड्राके संचालक अशोक गोयल ने भी अवैध रूप से धान उठाया था , पर चावल शासन के पास जमा नहीं कराया। संबधित मिलर्स के खिलाफ  विभागीय अधिकारी ने गौरेला थाने मेंमिलरों के संचालक के खिलाफ  एफआईआर कराया था जिसपर गौरेला थाने में अपराध 49/16 धारा 407,409,420 के तहत दर्ज कर लिया था उधर शासन के पास राईस मिल की बैंक गारंटी भी पर्याप्त नहीं थी
,  इसलिए उनसे वसूली नही हुई।मामले में (1 ,11,90,379) 1करोड़ 11 लाख नब्बे हज़ार तीन सौ उन्नयसी    रुपये का मामले में इन लोगों ने शासन का हजम किया था। उधर एफआईआर के बाद से ही हरिहर राईस मिल के संचालक अशोक गोयल और छत्तीसगढ़ राईस मिल के संचालक हेमंत श्रीवास्तव गौरेला पुलिस के रिकार्ड में तो लगातार फरार चलरहे थे पर  स्थानीय स्तर पर ये दोनों पेंड्रा और कोटमी इलाके में ही मौजूद थे।और खुलेआम खुम रहे थे मामले की जानकारी बिलासपुर आईजी  दीपाशू काबरा को हुयी जिसके बाद उन्होने अपनी स्पेशल टीम पेंड्रा इलाके में भेजकर दोनों फरार  मिलर्स के ठिकानों पर दबिश देते हुये दोनों रशुखदारफरार आरोपियों को गिरफतार कर लिया।और आगे कीकार्यवाही करते हुये दोनों आरोपियों को व्यावहार  न्यायालय पेंड्रारोड में पेश किया गया जहां  न्यायालय ने मामले की गम्भीरता को देखते हुये दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।मामले में दोनों ही आरोपी  रशुखदार है लिहाजा जेल पहुचतेही  मामले में एक आरोपी छत्तीसगढ़ राईस मिल के संचालक हेमंत  श्रीवास्तव की तबीयत बिगड़ गयी जिसे इलाज के लिये जेल में पदस्थ चिकित्सक डॉ ए.आई.मिंज ने एमसीएच अस्पताल  में भर्ती करा दिया है डॉ मिंज की माने तो  आरोपी हेमंत श्रीवास्तव को हाई ब्लड प्रेसर एवम घबराहट के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया है।वही आरोपी के साथ अस्पताल में मौजूद जेल प्रहरी को भी पता नही है की उसके साथ जो कैदी  अस्पताल में भर्ती है वो किस बीमारी के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही मामले में सीएमएचओ बिलासपुर की माने तो जेल से गलत ढंग  से बीमारी का बहाना बनाकर किसी कैदी को डॉक्टर के द्वारा अस्पताल में भर्ती  किया जाना गम्भीर मामला है।वही मामले में सुत्रों की माने तो इस मामले में दुसरे आरोपी को भी जल्द से जल्द हॉस्पिटलाइज करने की तैयारी है मामले में जेल प्रबंधकऔर जेल में पदस्थ चिकित्सक की भुमिका संदिग्ध है। आरोपी हेमन्त श्रीवास्तव अस्पताल में एमसीएच अस्पताल में आराम से पर्दे के आड़ में बिस्तर पर बैठ कर  आराम फार्म रहे , आड़ के लिए पर्दे लगा दिए गए , आरोपी से पूछने पर बताया कि उसको हार्ट की  गम्भीर बीमारी है जबकी डॉ मिंज उसको घबराहट ( डिप्रेशन) होने की बात कह रहे है  , मामले में डॉ की भूमिका संदिध नज़र आ रही है ।।
इनका कहना है ….
डॉ ,ए आई मिंज – मरीज़ को घबराहट  की सूचना पर बी पी चेक किया जो बढ़ा पाया गया , जिसके उपचार के लिए उसको भर्ती कराया गया ।।

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