February 23, 2020

सोलर पम्प बना किसानों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र

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रायपुर 23 फरवरी 2020/ कृषि मेले में सोलर कोल्ड स्टोरेज एवं सोलर ड्रायर होगें मुख्य आकर्षण का केन्द्र रायपुर जिले के ग्राम तुलसी बाराडेरा में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले में क्रेडा द्वारा जीवंत माॅडल प्रदर्शित किये जा रहे हैं, जो आकर्षण के केन्द्र हंै। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, क्रेडा ने बताया कि कृषि मेले में प्रथम बार सोलर कोल्ड स्टोरेज एवं सोलर ड्रायर के लाईव माॅडल प्रदर्शित किया जा रहा है। इन्हें देखने के बाद छत्तीसगढ़ के किसान प्रेरित हो रहे हैं। कृषि मेले में क्रेडा द्वारा सोलर कोल्ड स्टोरेज कृषकों के लिये प्रदर्शन हेतु लगाया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कृषकों को उनकी उपज का सही संरक्षण कर धनोपार्जन में वृद्धि का सरल समाधान कोल्ड स्टोरेज है। इसका आकार 20 फीट के कंटेनर जितना होता है (20x8x8 फीट), के कोल्ड स्टोरेज में 05 टन तक फल व सब्जी रखी जा सकती है। यह 4.5 किलोवाॅट क्षमता के सोलर पावर प्लांट से संचालित होता है। सौर ऊर्जा ना होने पर भी कोल्ड रूम 24 से 30 घंटे तक का बैकअप प्रदान करता है। क्योकि इसके स्टोरिंग कंटेनर के परतों के भीतर एक रसायनिक तरल पदार्थ थर्मोफ्ल्यूड्स भरा होता है जो दिन के समय ऊर्जा प्राप्त कर बर्फ में परिवर्तित हो जाता है, एवं सूर्यास्त अथवा सौर ऊर्जा ना होने पर पिघलता रहता है। जिसके कारण कंटेनर का तापमान 04 से 10 डिग्री एवं आद्रता यथावत बनी रहती है। सरकार द्वारा कोल्ड स्टोरेज पर 04 लाख रूपये अनुदान का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 50 सोलर कोल्ड स्टारेज स्थापित किये गये हंै। स्टाल में सोलर ड्रायर को प्रदर्शित किया जा रहा है। सोलर ड्रायर के उपयोग से किसान अपनी सब्जियो ं को या फलांे को संरक्षित कर अपने उपयोग हेतु रख सकते है। सोलर ड्रायर का अनुकुल तापमान 60 डिग्री होने के कारण सब्जियों-बीजों की आद्रता पूर्णता निकल जाती है, जिससे सब्जियों में फफुंद, बेक्टीरिया उत्पन्न नहीं हो पाते। क्रेडा द्वारा स्टाल में सोलर जल शुद्धिकरण संयंत्र का माॅडल प्रदर्शित किया जा रहा हैं, ज्यादातर ग्रामों में पेय जल हेतु भू-जल का उपयोग किया जा रहा है। भूमिगत जल में हानिकारक बेक्टीरिया या खनिज तत्व की कभी-कभी ज्यादा मात्रा होने से जल पीने के योग्य नहीं होता, ऐसे अशुद्ध जल को सौर जल शुद्धिकरण संयंत्र से शुद्ध कर पीने योग्य किया जाता है। प्रदेश में अभी तक लगभग 280 सौर जल शुद्धिकरण संयंत्र स्थापित किये जा चुके हैं। शासन की अनुदान नीति अनुसार 03 लाख रूपये प्रति संयंत्र पर अनुदान का प्रावधान है।
क्रेडा द्वारा सौर सुजला योजनांतर्गत कृषकों के खेतों में स्थापित किये जाने वाले सोलर पम्प का वर्किंग माॅडल प्रदर्शित किया जा रहा है। यह योजना छत्तीसगढ़ में बहुत लोकप्रिय हुई है। अभी तक लगभग 60 हजार किसानों के खेतों में सोलर पम्प लगाए जा चुके है तथा सन् 2020 में लगभग 20 हजार सोलर पम्प लगाने हेतु कार्य तेजी से किया जा रहा है। 03 एच.पी क्षमता का सोलर पम्प अ.जा. और अ.ज.जा. कृषकांे को 07 हजार, अ.पि.व. को 12 हजार तथा सामान्य वर्ग को 18 हजार रूपये में 05 वर्ष के मेन्टेनेंस के साथ लगाकर दिया जा रहा है। सोलर पम्प स्थापना में छत्तीसगढ़ प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है। क्रेडा स्टाॅल में बायोगैस का जीवंत माॅडल प्रदर्शित किया जा रहा है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजनांतर्गत कृषकों के यहाॅ बायोगैस संयंत्र स्थापित किये जा रहे है। राज्य सरकार द्वारा बायोगैस संयंत्र के निर्माण पर अ.जा. और अ.ज.जा. किसानों को 22 हजार तथा सामान्य वर्ग को 21 हजार रूपये का अनुदान दिया जा रहा है। प्रदेश में बन रहे गोठानों में भी बायोगैस संयंत्र के निर्माण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। गोबर गैस संयंत्र से हमंे उत्तम क्षमता की खाद के साथ खाना बनाने हेतु गैस प्राप्त होती है। प्रदेश में अभी तक क्रेडा द्वारा 57,700 बायोगैस प्लांट स्थापित किये जा चुके हैं।

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