February 3, 2026

पार्षदों द्वारा नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद का चुनाव किये जाने के राज्य सरकार के फैसले का कांग्रेस ने किया स्वागत

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भारत में प्रधानमंत्री इसी प्रणाली से चुना जाता है, खरीद फरोख्त की संभावना के आधार बना कर विरोध करने वाली भाजपा यह ना भूले कि मोदी दो बार इसी प्रणाली से चुने गये हैं

रायपुर/15 अक्टूबर 2019। पार्षदों द्वारा नगरीय निकाय में महापौर और अध्यक्ष पद का चुनाव किये जाने के राज्य सरकार के फैसले का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारत की संसदीय प्रणाली में प्रधानमंत्री का चुनाव जनता द्वारा निर्वाचित सांसद और मुख्यमंत्री का चुनाव विधायक करते है तो पार्षदों द्वारा महापौर के चुने जाने पर भाजपा को आपत्ति क्यों है? भारतीय जनता पार्टी जान चुकी है कि उसके पार्षद जीत कर नहीं आने वाले हैं इसीलिये वह विरोध कर रही है। राजनीति में सक्रिय छोटे और आम कार्यकर्ता प्रत्यक्ष प्रणाली में महापौर हेतु चुनाव क्षेत्र बड़ा होने और खर्चीली चुनाव प्रक्रिया के चलते सीधे तौर पर महापौर का चुनाव नहीं लड़ पाते और इस प्रकार से सक्रिय प्रतिभावान कार्यकर्ता पीछे रह जाते हैं! पार्षदों के माध्यम से महापौर के निर्वाचन में ऐसे ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को अपनी काबिलियत को साबित करने का मौका मिलेगा जो स्वागत योग्य है। खरीद फरोख्त की संभावना के आधार पर विरोध करने वाली भाजपा यह ना भूले कि मोदी दो बार इसी प्रणाली से तो चुने गये है।
नगरीय निकाय के अध्यक्ष पदों का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा होगा। अब पार्षद अपने नगर निगम या नगर पालिका, नगर पंचायत के प्रमुख का चुनाव करेगी। नई प्रणाली से बहुत सारी विसंगतियां दूर होगी। पूर्व में इस प्रणाली में कई बार महापौर एक दल के होते थे, पार्षदों में दूसरे दल का बहुमत हो जाता था। दूसरे परिणामस्वरूप लगातार टकराव की स्थिति देखने को मिलती थी, कई बार तो बजट तक पास करवा पाना महापौर के लिए मुश्किल होता था, अगर पार्षद और नगरीय निकाय का प्रमुख एक ही दल के होंगे तो काम करने में भी आसानी होगी।
भाजपा द्वारा इस लोकहितकारी फैसले का विरोध किये जाने की कड़ी निंदा करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव होता है लोग सीधे वोट देते है। भारत में प्रधानमंत्री का चुनाव सांसदो के द्वारा किया जाता है। भारत की लोकतंत्र प्रणाली अप्रत्यक्ष रूप निर्वाचन प्रणाली है। क्या ये लोकतंत्र की हत्या है? ऐसा विरोध करके भाजपा अपने ही देश की शासन प्रणाली का उपहास उड़ाने का काम, विरोध करने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के इस लोकहितकारी फैसले का विरोध भारतीय जनता पार्टी की वास्तविक चरित्र को उजागर करती है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि ईवीएम शुरू से ही संदिग्ध रही है। देश के भाजपा को छोड़ कर बाकी सारे राजनैतिक दल ईवीएम का विरोध कर रही है। ऐसी स्थिति में मतपत्र से चुनाव होता है तो कांग्रेस पार्टी इसका स्वागत करती है। मतदाताओं में इसका व्यापक स्वागत हो रहा है। ईवीएम पर छत्तीसगढ़ में जिस प्रकार से निगरानी रखी गयी थी और ईवीएम टेम्परिंग की घटनायें सामने आयी लोग लैपटॉप लेकर स्टांग रूम में घुसते थे और सिर्फ कोण्डागांव में ही नहीं हुआ बल्कि बेमेतरा और अनेक जिलों में ऐसी घटनायें सामने आयी। इन घटनाओं से बचने के लिये मतपत्र से चुनाव होना चाहिये।

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