खनिज विभाग के सहायक ग्रेड-२के बाबु को उपरी कमाई और कुर्सी जाने के खतरे में नहीं आ रही नींद ,
रायपुर।खनिज विभाग एक बार फिर से सुर्खियों में है, हो भी क्यू न पैसा और नेता मंत्रियो का जब साथ एक साथ हो तो फिर बाबू भी अधिकारियो की तरह ही पेश आते है ,इन दिनों खनिज विभाग के एक बाबू साहब का ट्रांसफर हुआ तो सही परंतू करोडो रुपए की मलाई मिनटों में चट कर जाने में माहिर बाबू वापसी के लिए इन दिनों नेता मंत्रियो के चौखट में चढ़ावे के साथ जा रहे मामला शायद जम नहीं प् रहा ,इस लिए उदास मन से वापस अपनी कुर्सी पर बैठ जाते है !सूत्रों की माने तो इस बाबू के कारण ही भ्रस्टाचार इस विभाग में चरम पर पहुच गया है ,सूत्रों की माने तो बाबू भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए हनी ट्रैप का सहारा पाने के लिए आतुर नज़र आ रहे है ,वही विभाग के ही कुछ लोग बाबू की उपरी कमाई से हिस्सा जाने का खतरा भाप कर और बदनामी के भय से बाबु का साथ छोड़ चुके है !
क्या है मामला
खनिज शाखा रायपुर में चहेते कर्मचारियों को लेकर विभागीय मतभेद शुरू हो गया है। विभाग में तबादले के दो माह बाद भी बाबू को नहीं किया रिलीव, एक को बैठाकर दे रहे वेतन रायपुर। खनिज शाखा रायपुर में चहेते कर्मचारियों को लेकर विभागीय मतभेद शुरू हो गया है। विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-२ जलंधर वर्मा का तबादला होने के दो माह बाद भी उन्हें रिलीव नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर उनके स्थान पर एक महिला सहायक ग्रेड-२ का बलोदाबजार से रायपुर लाया गया है। वो कार्यालय में आकर बैठ चुकी हैं। अब तक उन्हें कोई प्रभार नहीं दिया गया। कारण यह है कि जलंधर वर्मा को रिलीव करने के बाद ही महिला कर्मचारी को चार्ज दिया जाएगा। एेसी स्थिति में महिला कर्मचारी को विभाग बिना काम के ही वेतन दे रहा है।
बड़े घोटाले में भी रहे है शामिल
खनिज विभाग में पहले ही १५ साल से टिके एक सहायक ग्रेड-२ ने रायल्टी क्लीयरंेस घोटाले को अंजाम दिया था। विभाग ने उसे काफी हद तक बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को मिले सबूतों के बाद बाबू की गिरफ्तारी हो गई। इसी तरह अब भी वर्षों से टिके बाबूओं को खनिज शाखा में रोक के रखा जाता रहा है। कमिश्नर ने कहा था टेबल बदलो कमिश्नर जीआर चुरेंद्र ने जिला प्रशासन के सभी बाबुओं के टेबल बदलने के निर्देश दिए थे। अब तक इस पर विचार नहीं किया गया। जिनका तबादला हो गया उन्हें भी रिलीव नहीं किया जा रहा है।
बड़े घोटाले की जाँच होने से पहले मिटटी डालने की कवायद
खनिज विभाग में पहले ही 15 साल से टिके एक सहायक ग्रेड-2 ने रायल्टी क्लीयरंेस घोटाले को अंजाम दिया था। विभाग ने उसे काफी हद तक बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को मिले सबूतों के बाद बाबू की गिरफ्तारी हो गई। इसी तरह अब भी वर्षों से टिके बाबूओं को खनिज शाखा में रोक के रखा जाता रहा है। कमिश्नर ने कहा था टेबल बदलोकमिश्नर जीआर चुरेंद्र ने जिला प्रशासन के सभी बाबुओं के टेबल बदलने के निर्देश दिए थे। अब तक इस पर विचार नहीं किया गया। जिनका तबादला हो गया उन्हें भी रिलीव नहीं किया जा रहा है।
इनका कहना
मैडम को चार्ज सौपा दिया गया है वो अपना कार्य पूरी निष्ठा के साथ कर रही है ,और आपके दुसरे प्रशन का मै जवाब देना चाहूँगा जालंधर वर्मा की रही बात तो उनका ट्रांसफर गरियाबंद के लिए किया जा चुका है ,स्टाफ की कमी की वजह से उन्हें अभी रिलीव नहीं किया गया था ,सोमवार को उनकी यहाँ से विदाई निश्चित तौर पर हो जाएगी
एच.के. मारवाह,
उपसंचालक, खनिज प्रशासन