एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र में छह परियोजना प्रभावितों को मिला रोजगार, नियुक्ति पत्र वितरित

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विकास की यात्रा तब सार्थक होती है, जब उसकी रोशनी उन परिवारों तक भी पहुंचे, जिनकी जमीन और जीवन परियोजनाओं के विस्तार से प्रभावित हुए हैं। एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र में मुख्य महाप्रबंधक बी.के. जेना की दूरदृष्टि, संवेदनशील सोच और कुशल नेतृत्व ने इसी मानवीय सरोकार को नई दिशा दी है। रामपुर, खांडा एवं खैरहा गांव के छह परियोजना प्रभावितों को रोजगार देकर नियुक्ति पत्र सौंपना महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके परिवारों के सपनों, उम्मीदों और आत्मनिर्भर भविष्य को साकार करने की महत्वपूर्ण पहल है। इस कदम से कोयला आंचल के इन घरों में आर्थिक स्थिरता के साथ खुशियों की नई रोशनी पहुंची है। एसईसीएल की यह पहल विकास और जनकल्याण के बीच सुंदर समन्वय स्थापित करते हुए यह संदेश देती है कि प्रगति की असली सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ प्रभावित परिवारों के जीवन में विश्वास, सम्मान और नई संभावनाओं के रूप में दिखाई दे।

✍️अतीक खान
धनपुरी,साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत रामपुर, खांडा एवं खैरहा गांव के छह परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (पीएपी) के लिए 26 अगस्त 2026 का दिन नई आशाओं और उज्ज्वल भविष्य का संदेश लेकर आया। एसईसीएल प्रबंधन की ओर से इन परियोजना प्रभावित परिवारों के सदस्यों को रोजगार प्रदान करते हुए नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस पहल से प्रभावित परिवारों में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई और उनके जीवन में स्थायित्व एवं आत्मनिर्भरता की एक नई राह प्रशस्त हुई।
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक बी.के. जेना ने नवनियुक्त कर्मचारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि रोजगार प्राप्त करना जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन नियुक्ति के साथ नई जिम्मेदारियों का भी सूत्रपात होता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, अनुशासन, निष्ठा एवं समर्पण के साथ करें।
महाप्रबंधक ने विशेष रूप से कार्यस्थल पर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि कोयला खनन क्षेत्र में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक कर्मचारी को सुरक्षा नियमों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सजगता, अनुशासन और सुरक्षित कार्यशैली ही स्वस्थ एवं सशक्त कार्य-संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने तथा कंपनी की प्रगति में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कर्मचारियों से निरंतर सीखने और अपने कार्य-कौशल को विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ तकनीकी दक्षता एवं व्यावसायिक ज्ञान में निरंतर वृद्धि आवश्यक है। समर्पण और परिश्रम के बल पर प्रत्येक कर्मचारी अपने व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ संस्था की उन्नति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी छह परियोजना प्रभावितों ने एसईसीएल प्रबंधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि रोजगार मिलने से उनके परिवारों में आर्थिक स्थिरता और भविष्य के प्रति विश्वास का संचार हुआ है। नवनियुक्त कर्मचारियों ने अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने तथा कंपनी के हित में अपना श्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
यह रोजगार प्रदान करने की पहल परियोजना प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, पुनर्स्थापन एवं कल्याण के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक आजीविका का अवसर उपलब्ध कराना न केवल सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को पुष्ट करता है, बल्कि विकास और मानवीय सरोकारों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (संचालन) मनीष कुमार श्रीवास्तव सहित सोहागपुर क्षेत्र के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण आत्मीयता, उत्साह और नए जीवन-अध्याय के स्वागत की भावना से ओतप्रोत रहा।

खास साक्षात्कार
प्रश्न: परियोजना प्रभावित परिवारों को रोजगार देने की इस पहल को आप किस रूप में देखते हैं?
उत्तर बी.के. जेना: परियोजना प्रभावित परिवार हमारे विकास-यात्रा के महत्वपूर्ण सहभागी हैं। उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को सम्मान देना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। रामपुर, खांडा एवं खैरहा के छह परियोजना प्रभावितों को नियुक्ति पत्र प्रदान करना इसी संवेदनशील सोच का परिणाम है।
प्रश्न: आपकी कार्यशैली में इस पहल की क्या विशेषता है?
उत्तरबी.के. जेना: मेरा मानना है कि विकास तभी सार्थक है, जब उसकी रोशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। दूरदृष्टि, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं के साथ लिए गए निर्णय ही स्थायी परिवर्तन का आधार बनते हैं।
प्रश्न: नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए आपका संदेश?
उत्तर बी.के. जेना: वे ईमानदारी, अनुशासन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा निरंतर अपने कौशल का विकास करें।
उनके कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व से आज कोयला आंचल के अनेक परिवारों में आशा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई किरण जगमगा उठी है। रोजगार का यह अवसर केवल नियुक्ति नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता विश्वास है।