भद्रापाली में भीषण आगजनी, ग्रामीणों और अंबुजा प्रबंधन की तत्परता से टला बड़ा हादसा

अर्जुनी। बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम अम्बुजा सीमेंट रवान से लगे भद्रापाली गांव में शनिवार को अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते खिलावन वर्मा के घर के सामने स्थित कोठा उसकी चपेट में आ गया। आगजनी की इस घटना में कोठा में रखा मवेशियों का चारा, पैरा सहित अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई। हालांकि समय रहते ग्रामीणों की सजगता और अदानी अंबुजा प्लांट प्रबंधन की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय अचानक कोठा से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। तेज गर्मी और हवा के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीण तत्काल आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की आवश्यकता महसूस हुई।
इसी दौरान भारत माता सेवा ट्रस्ट के संयोजक नीरज परगनिहा ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सक्रियता दिखाई। उनके साथ राहुल वर्मा ने तत्काल निकट स्थित अदानी अंबुजा प्लांट प्रबंधन को फोन कर फायर ब्रिगेड भेजने की मांग की। सूचना मिलते ही प्रबंधन ने बिना देर किए फायर ब्रिगेड वाहन मौके के लिए रवाना किया। दमकल कर्मियों ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास के घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे और बड़ा नुकसान हो सकता था। ग्रामीणों ने नीरज परगनिहा, राहुल वर्मा एवं अंबुजा प्रबंधन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
आगजनी की इस घटना में खिलावन वर्मा को भारी आर्थिक क्षति हुई है। कोठा में रखा मवेशियों का चारा, पैरा तथा अन्य जरूरी सामान जल गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है ताकि हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
घटना के दौरान गांव के कई लोगों ने आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपसरपंच दुलेश्वर वर्मा, प्रदीप वर्मा, खिलेश वर्मा, मोनू यादव, हेमकुमार बघेल एवं कुशल वर्मा सहित अन्य ग्रामीण लगातार मौके पर डटे रहे और दमकल टीम का सहयोग करते रहे। ग्रामीणों की एकजुटता और सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रण में लाने में सफलता मिली।
विश्व पर्यावरण दिवस के ठीक एक दिन बाद हुई यह आगजनी की घटना पर्यावरणीय चुनौतियों और बढ़ती गर्मी की भयावह स्थिति को भी उजागर करती है। लगातार बढ़ते तापमान और सूखे हालात के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गांवों में अग्निशमन संसाधनों की बेहतर व्यवस्था और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।