सुशासन तिहार में उप मुख्यमंत्री अरुण साव निकले फील्ड पर, कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

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कहा गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित कर समय पर पूरा करें काम
उप मुख्यमंत्री अरुण साव 4 दिनों तक बस्तर में रहकर कार्यों का करेंगे निरीक्षण
निर्माण कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे
पहले दिन बड़ेगौरी में जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा, कोटतरा में सुशासन तिहार में हुए शामिल
कांकेर में नालंदा परिसर का काम देखा, निर्माणाधीन अमोड़ा-नरहरपुर सड़क का भी किया निरीक्षण
रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के पहले दिन कई कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। वे इस दौरान कांकेर के कोटतरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्राम पंचायत के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक, सामग्री और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
अरुण साव आगामी चार दिनों तक बस्तर में रहकर निर्माण कार्यों और योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। वे इस दौरान बस्तर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। बस्तर प्रवास के पहले दिन कांकेर पहुंचे, जहां उन्होंने चारामा विकासखण्ड के ग्राम बड़ेगौरी में जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। जल जीवन मिशन के तहत यहां दो करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण और रेट्रोफिटिंग कर 391 घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने घरों में जाकर जल आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांकेर में निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का निरीक्षण किया। चार करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए आगामी अक्टूबर माह तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कांकेर में जिला मुख्यालय के अनुरूप साफ-सफाई की व्यवस्था और जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
अरुण साव ने अमोड़ा-नरहरपुर सड़क के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए ठेकेदार और कार्यपालन अभियंता को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वर्क-फोर्स और मशीनरी बढ़ाकर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। 40 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से 16 किमी की इस टू-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। कांकेर के विधायक आशाराम नेताम भी सभी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

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