वन मंत्री केदार कश्यप की अनूठी पहल: प्यासे राहगीरों को शीतल जल, जंगलों को दावानल से बचाने जनजागरण अभियान

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वन विकास निगम जगदलपुर की दोहरी मुहिम बनी जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण

रायपुर। प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विकास निगम जगदलपुर द्वारा भीषण गर्मी के बीच जनसेवा और वन संरक्षण को जोड़ते हुए एक अभिनव अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रमुख मार्गों, ग्रामीण क्षेत्रों और हाट-बाजारों के समीप सार्वजनिक प्याऊ केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां राहगीरों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ जंगलों को आग से बचाने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप का मानना है कि जंगल केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें सुरक्षित रखने में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए वन विकास निगम ने जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण का यह अभिनव मॉडल विकसित किया है।

जनसेवा के साथ वन सुरक्षा का संदेश

भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण इन दिनों जंगलों में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ऐसी परिस्थितियों में वन विकास निगम के अधिकारी और कर्मचारी प्याऊ केंद्रों पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को शीतल जल पिलाने के साथ जंगलों को आग से सुरक्षित रखने का संकल्प भी दिला रहे हैं।

ग्रामीणों और राहगीरों को बताया जा रहा है कि उनकी छोटी-सी सावधानी हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र, वन्यजीवों और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

वन मंत्री की अपील : जंगल बचाना सबकी जिम्मेदारी

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशन में लोगों से विशेष रूप से आग्रह किया जा रहा है कि—

जंगलों और सड़क किनारे जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली न फेंकें।

महुआ एवं अन्य लघु वनोपज संग्रहण के दौरान सूखे पत्तों को साफ करने के लिए आग का उपयोग न करें।

जंगल में कहीं भी आग दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग अथवा वन विकास निगम के अधिकारियों को सूचना दें।

वन एवं वन्यजीव संरक्षण को जनआंदोलन बनाकर पर्यावरण सुरक्षा में सहभागी बनें।

जनभागीदारी से सुरक्षित होंगे जंगल

वन विकास निगम जगदलपुर की यह पहल स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और राहगीरों के बीच सराहना का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि एक ओर उन्हें भीषण गर्मी में राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।

वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में संचालित यह अभियान जनसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभर रहा है, जो बस्तर के हरित भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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