विश्व स्वास्थ्य दिवस पर न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में जागरूकता का प्रेरक आयोजन

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बैकुण्ठपुर। स्वास्थ्य, विज्ञान और सामाजिक समरसता के त्रिवेणी संगम को साकार करते हुए न्यू लाईफ हेल्थ एंड एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, बैकुण्ठपुर में विश्व स्वास्थ्य दिवस अत्यंत उत्साह, गरिमा और जागरूकता के साथ मनाया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 7 अप्रैल को आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर जनजागरूकता का सशक्त माध्यम बनकर सामने आया, जिसमें स्वास्थ्य के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखा गया।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित थीम “स्वास्थ्य के लिए एक साथ, विज्ञान के साथ” पर आधारित यह आयोजन ज्ञान, रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम रहा। कार्यक्रम का संचालन बी.एससी. नर्सिंग प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने उत्साह, आत्मविश्वास और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सकारात्मक ऊर्जा से भरे वातावरण में हुआ, जहाँ छात्रों ने स्लाइड प्रेजेंटेशन, पोस्टर प्रदर्शनी एवं नाट्य मंचन जैसे विविध माध्यमों के जरिए विज्ञान आधारित स्वास्थ्य जानकारी के महत्व को सरल और सजीव रूप में दर्शाया। स्लाइड प्रेजेंटेशन के माध्यम से संध्या और आंचल ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उपलब्धियों, नई तकनीकों और उनके मानव जीवन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे वैज्ञानिक अनुसंधान ने चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं।
वहीं पोस्टर प्रदर्शनी में नैन्सी, ज्योति, आरती और प्रियंका ने अपनी कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से स्वच्छता, संतुलित आहार, स्वच्छ पर्यावरण और रोगों की रोकथाम जैसे विषयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। उनके पोस्टरों ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है और एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली और भावनात्मक पक्ष रहा नाट्य मंचन, जिसमें ईशा, सुनैना, जगलेश्वर, सुप्रिया, जुही, अंकिता, रीना, नैन्सी, गीतांजली और प्रिया ने अपनी सशक्त अभिनय प्रतिभा का परिचय देते हुए ‘एक स्वास्थ्य’ (One Health) की अवधारणा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानव, पशु और पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है, और किसी एक की अनदेखी पूरे तंत्र को प्रभावित कर सकती है। नाटक ने उपस्थित दर्शकों को न केवल भाव-विभोर किया, बल्कि उन्हें सोचने पर भी विवश कर दिया।
मंच संचालन का दायित्व काव्या और आभा ने अत्यंत दक्षता और आत्मविश्वास के साथ निभाया। उनकी प्रभावशाली वाणी और सुसंगठित प्रस्तुति ने कार्यक्रम को निरंतर गतिशील बनाए रखा। कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए स्वच्छता, संतुलित आहार, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों से बचने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संस्थान के संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वस्थ जीवन का आधार विज्ञान है, और वैज्ञानिक सोच ही हमें अंधविश्वास और भ्रांतियों से दूर रख सकती है।” उन्होंने विशेष रूप से कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में विज्ञान ही मानवता का सबसे बड़ा सहारा बना। उन्होंने नर्सिंग छात्रों से आह्वान किया कि वे समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दें और लोगों को सही स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध कराएं।
प्राचार्य महोदय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुँचाएँ और एक स्वस्थ, सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।
इस सफल आयोजन के पीछे नर्सिंग ट्यूटर शीतल साहू का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने संस्था प्रबंधन के निर्देशन एवं प्राचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफल बनाया।
समापन अवसर पर यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्वास्थ्य केवल रोगों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन की समग्र स्थिति है। न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के लिए एक सीखने का अवसर बना, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का एक प्रभावशाली प्रयास भी सिद्ध

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