ई-ऑफिस में फाइल प्रस्तुतिकरण नियमों के अनुरूप हो, स्पष्ट अभिमत जरूरी : प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा

रायपुर। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में गत वर्ष के आय-व्यय तथा नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल बजट का 68 प्रतिशत व्यय किया गया है। प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आवंटित बजट का पूरा लाभ हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए वर्ष की शुरुआत से ही सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना आवश्यक है। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय को 80 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 732 करोड़, 21 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के लिए 915 करोड़ तथा अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत 170 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जो विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से आगामी वर्षों में राज्य के विकास को गति मिलेगी।
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के साथ आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग तथा राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के आय-व्यय की भी समीक्षा की गई।
प्रमुख सचिव ने आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली और ई-ऑफिस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकतम उपस्थिति दर्ज करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की और स्पष्ट किया कि समय पर उपस्थित नहीं होने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ई-ऑफिस व्यवस्था पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लागू होने से प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ी है। अब फाइलों का निपटारा तेज गति से संभव हो पा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी फाइल प्रस्तुत करते समय सभी नियमों का पालन करते हुए स्पष्ट अभिमत दर्ज करें, ताकि निर्णय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के नवीन व्यय प्रस्तावों, विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, सामग्री क्रय के मानकीकरण, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिलावार स्थिति तथा आवंटित एवं व्यय राशि की भी समीक्षा की गई।
इसके साथ ही भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की आय-व्यय और आगामी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।