सड़क सुरक्षा, कानून व्यवस्था और नशा नियंत्रण पर प्रशासन सख्त

कलेक्टर, एसपी की संयुक्त बैठक में ब्लैक स्पॉट सुधार, ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने और नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई के निर्देश
कोरिया जिला के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी श्रीमती चन्दन त्रिपाठी की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा समिति, कानून व्यवस्था एवं नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकार्ड) जिला स्तरीय समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, नशा नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक है, वहां स्पीड कंट्रोल हेतु संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर एवं हाईमास्ट लाइट की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में चेतावनी संकेत, अंधे मोड़ों पर विशेष संकेतक तथा गति सीमा के बोर्ड पर्याप्त संख्या में लगाए जाएं। सड़कों के निर्माण से जुड़े विभागों को तीव्र मोड़ों के सुधार एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उनके उचित प्रबंधन के निर्देश दिए। आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर देते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, सीमित गति में वाहन चलाने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की गई।
बैठक में शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्कूल एवं कॉलेजों में नियमित रूप से यातायात नियमों एवं नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। वहीं पुलिस अधीक्षक ने स्कूली वाहनों के चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं चरित्र सत्यापन अनिवार्य करने तथा आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को स्कूली वाहन संचालन से दूर रखने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को वाहनों की फिटनेस जांच नियमित रूप से करने तथा ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बैकुंठपुर क्षेत्र के प्रमुख स्थानों, विशेषकर कुमार चौक एवं साप्ताहिक बाजारों में यातायात व पार्किंग व्यवस्था के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने नगर पालिका, राजस्व एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने पर जोर दिया।
नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकार्ड) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि नशा मुक्ति केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वन, आबकारी एवं राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि अवैध नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी गांव स्तर पर कोटवार एवं ग्राम सचिव के माध्यम से एकत्र कर त्वरित कार्रवाई की जाए। मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच कर प्रतिबंधित दवाइयों एवं नशीले सिरप की अवैध बिक्री पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे ने बताया कि जिले में अवैध शराब, गांजा एवं प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री और तस्करी के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस हर स्तर पर सक्रिय है और आम नागरिकों की भागीदारी इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
बैठक में कानून व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में बाहरी व्यक्तियों की सतत निगरानी रखी जाए तथा फेरीवालों एवं अन्य बाहरी कारोबारियों की जानकारी ‘मुसाफिर रजिस्टर’ में दर्ज की जाए। थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, डी.डी. मंडावी, एसडीएम, डीएसपी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे।