खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

0
IMG-20260403-WA0072


जनजातीय प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स बना नए अवसरों का द्वार – उप मुख्यमंत्री अरुण साव
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये: दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में होंगे आयोजित
समापन समारोह में बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बीते दिनों छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर जो उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की जनजातीय प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का ऐतिहासिक अवसर सिद्ध हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य आज खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने घोषणा की कि अब यह खेल महाकुंभ प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जाएगा, जो राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का संबंध प्राचीन और गहरा है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल उनकी परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अपने जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समाज में अपार प्रतिभा और ऊर्जा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सकती है। यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और प्रतिभा का विराट उत्सव बनकर उभरा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्नाटक, ओडिशा और झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। राज्य ने कुल 19 पदक (3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य) अर्जित किए। स्विमिंग में अनुष्का भगत ने चार रजत पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, वहीं निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी राज्य का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, जबकि वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक हासिल कर प्रदेश की बेटियों का गौरव बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया।
मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन हेतु नगद पुरस्कारों की घोषणा करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 2 लाख, रजत के लिए 1.5 लाख और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख, रजत के लिए 75 हजार और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
समापन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने वाला साबित हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं—आवास, भोजन एवं अन्य सुविधाओं—की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा।
मुख्य सचिव विकास शील ने भी आयोजन की सफलता पर सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी है, जिसमें देशभर के हजारों खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और प्रख्यात फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खेल जगत से जुड़े व्यक्तित्व एवं बड़ी संख्या में देशभर से आए खिलाड़ी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनकर इसे यादगार बना दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *