पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को दिए निर्देश

पेट्रोलियम, गैस और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता—अफवाहों से दूर रहने की अपील
आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
आमजन की सुविधा के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम: 1800-233-3663 पर मिल रही सही जानकारी
रायपुर / पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए राज्य स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। केंद्र स्तर पर भी स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।
राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां आम नागरिक गैस आपूर्ति, कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दे सकते हैं। निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आमजन तक समय पर सही जानकारी पहुंचाने के लिए प्रभावी संचार व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
बैठक में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के स्टॉक एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग नियमित रूप से जारी है और वितरण तय समयसीमा के अनुसार किया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल के परिवहन में भी कोई बाधा नहीं है।
मुख्य सचिव ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की शिकायत या सूचना इस नंबर पर साझा करें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
भ्रामक खबरों पर सतर्कता जरूरी
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गैस, पेट्रोल और डीजल से संबंधित समाचारों पर लगातार नजर रखी जाए। भ्रामक खबरें भय का माहौल बना सकती हैं, इसलिए ऐसी सूचनाओं का तत्काल खंडन कर सही जानकारी जनता तक पहुंचाई जाए। सोशल मीडिया की विशेष निगरानी और मीडिया के साथ समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। निर्देश दिए गए कि उर्वरकों की जमाखोरी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए। वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग को और मजबूत करने पर बल दिया गया।
महत्वपूर्ण संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति के निर्देश
अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, केंद्र सरकार के संस्थानों, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग के संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों में गैस आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए।
प्रदेशभर में कार्रवाई जारी
जानकारी के अनुसार, राज्यभर में 335 स्थानों पर निरीक्षण किया गया। कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन जमाखोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गईं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आम जनता को कंटेनरों में ईंधन उपलब्ध न कराया जाए। केवल अधिकृत संस्थानों को ही इस प्रकार की आपूर्ति की अनुमति होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्त, आईजी और जिला कलेक्टर बैठक में शामिल हुए। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।