विश्व क्षय दिवस पर स्वास्थ्य शिक्षा का सशक्त संदेश — न्यू लाईफ की सराहनीय पहल

बैकुंठपुर—बीते दिनों विश्व क्षय दिवस के अवसर पर न्यू लाईफ हेल्थ एंड एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने जिला अस्पताल परिसर में एक प्रभावशाली स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर समाज में जागरूकता का सशक्त माध्यम बना, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट परिचय दिया।
इस वर्ष विश्व क्षय दिवस की थीम “Yes! We Can End TB” (हाँ, हम टी.बी. को समाप्त कर सकते हैं) निर्धारित की गई है। यह थीम केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, जो यह संदेश देती है कि सामूहिक प्रयास, सुदृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और जनसहभागिता के माध्यम से क्षय रोग जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। यह विचारधारा न केवल वैश्विक स्तर पर बल्कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में भी अत्यंत प्रासंगिक है, जहाँ जन-जागरूकता और सहभागिता ही सफलता की कुंजी है।
कार्यक्रम के दौरान बी.एस.सी. नर्सिंग के विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं विचारोत्तेजक पोस्टरों के माध्यम से आमजन को क्षय रोग (टी.बी.) के प्रति जागरूक किया। इन पोस्टरों में रोग के प्रमुख कारणों, लक्षणों, बचाव के उपायों तथा समय पर उपचार के महत्व को अत्यंत सरल और प्रभावी भाषा में प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने यह भी समझाया कि टी.बी. एक संक्रामक रोग है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है, किंतु उचित उपचार और सावधानी से इसे पूर्णतः ठीक किया जा सकता है।
छात्र-छात्राओं ने अपने संदेशों में यह विशेष रूप से रेखांकित किया कि टी.बी. से बचाव के लिए संतुलित आहार, स्वच्छ वातावरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श का पालन आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधाओं का लाभ उठाकर इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल जानकारी देने का माध्यम बना, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करने का भी कार्य किया।
तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की विशेषता रही। उन्होंने पूरे समर्पण और उत्साह के साथ यह संदेश देने का प्रयास किया कि स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उनका यह प्रयास निःसंदेह सराहनीय और प्रेरणादायक रहा, जिसने समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सेवा-भाव को उजागर किया।
इस संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन मिस पूनम सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके नेतृत्व और प्रेरणा ने विद्यार्थियों को इस सामाजिक दायित्व को निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, संस्था के संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल के निर्देश एवं प्राचार्य के मार्गदर्शन ने इस आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुल मिलाकर, यह स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि यदि युवा वर्ग जागरूक और सक्रिय हो, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना संभव है। विश्व क्षय दिवस के इस अवसर पर न्यू लाईफ संस्थान द्वारा दिया गया यह संदेश न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि एक स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।