चैत्र नवरात्र में आस्था का अनुपम संगम: मां महामाया के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सागर

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने धर्मपत्नी संग किया दर्शन, प्रदेश की समृद्धि की कामना
चिरमिरी/एमसीबी,चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण व्याप्त है। मां जगदंबा की आराधना में लीन श्रद्धालुओं का जनसैलाब मंदिरों में उमड़ रहा है। एमसीबी जिले के चनवारी डांड स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर में आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां दूर-दराज से भक्तजन पहुंचकर माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं।
नवरात्र के छठे दिन छत्तीसगढ़ शासन में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल अपनी धर्मपत्नी कंचन जायसवाल के साथ मां महामाया के दरबार पहुंचे। मंदिर परिसर में पहुंचते ही उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देवी मां के श्रीचरणों में नमन किया और प्रदेश तथा क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की।
मंत्री दंपत्ति ने माता रानी के दर्शन कर ज्योति का पावन लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्ति की मधुर ध्वनियां, शंखनाद और जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था की आभा और हृदय में भक्ति का भाव स्पष्ट झलक रहा था।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि मां महामाया की कृपा सदैव इस क्षेत्र पर बनी रही है और यही कारण है कि यहां के जनजीवन में समृद्धि और शांति का संचार होता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि वे स्वयं वर्षों से चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां के दर्शन के लिए यहां उपस्थित होते रहे हैं। यह परंपरा उनके लिए केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत भी है।
मंत्री ने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें चैत्र नवरात्र एवं रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उनके आगमन से श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार हुआ और सभी ने उनके साथ मिलकर मां महामाया के जयकारे लगाए।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि चैत्र नवरात्र का यह पावन पर्व भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। मां महामाया मंदिर में जो भक्ति और श्रद्धा का दृश्य उपस्थित है, वह न केवल धार्मिक आस्था का परिचायक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी अद्भुत उदाहरण है।
मंदिर में उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ यह दर्शाती है कि आज भी भारतीय समाज में देवी-देवताओं के प्रति अटूट विश्वास और श्रद्धा विद्यमान है। मां महामाया के दरबार में हर भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आता है और असीम विश्वास के साथ लौटता है।
निस्संदेह, चैत्र नवरात्र का यह पावन पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और समाज को जोड़ने वाला एक विराट उत्सव है, जिसमें मां महामाया की कृपा से जन-जन के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।