मनखे-मनखे एक समान के सिद्धांत पर चल रही है हमारी सरकार : मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ रुपये की अनुदान मांग पारित
अनुसूचित जाति उपयोजना में 12,970 करोड़ का प्रावधान, शिक्षा और आजीविका को मिलेगा बल
उड़ान, शिखर और मंजिल योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा नया अवसर
छात्रावास से वंचित विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना, ढाई करोड़ का प्रावधान
सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों के विकास के लिए गिरौदपुरी-भंडारपुरी क्षेत्र में नई सुविधाएं
रायपुर/ विधानसभा में अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये की अनुदान मांग पारित कर दी गई। साथ ही राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12 हजार 970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपये का समेकित प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से जुड़ी योजनाओं में किया जाएगा।
अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को आधार बनाकर कार्य कर रही है। सरकार अनुसूचित जातियों की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल बजट 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुख्य बजट 531 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है।
अनुसूचित जाति उपयोजना में बड़ा प्रावधान
राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपये का समेकित बजट प्रावधान किया गया है। यह राशि अधोसंरचना विकास, सामाजिक कल्याण और विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में खर्च की जाएगी।
नई योजनाओं पर विशेष ध्यान
बजट में कई नई योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार
प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 25 हजार 927 सीटें स्वीकृत हैं। भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। बड़े शहरों में छात्रावास में प्रवेश नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के तहत 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए 1 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई पहल
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए “सीजी असिस्टेंस फॉर कम्पेटिटिव एग्जामिनेशन” योजना प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ नामक तीन घटकों के लिए कुल 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को विशेष अवसर मिलेंगे।
धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों का विकास
सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भंडारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए कुल 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण को बढ़ी राशि
सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सामाजिक समरसता के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।