अमलाई ओसीएम विवाद पर आरकेटीसी का पक्ष स्पष्ट: अनुशासनात्मक कार्रवाई नियमसम्मत, हिंसा बर्दाश्त नहीं
*इंट्रो*
अमलाई ओसीएम परियोजना में उठे विवाद के बीच आरकेटीसी इनफ्राटेक लिमिटेड ने तथ्यों के साथ अपना पक्ष सामने रखते हुए स्पष्ट किया है कि की गई प्रत्येक अनुशासनात्मक कार्रवाई सेवा नियमों और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुरूप है। कंपनी ने दो टूक कहा है कि श्रमिकों के वैध अधिकारों का सम्मान उसकी प्रतिबद्धता है, लेकिन कार्यस्थल पर अनुशासनहीनता, हिंसा और दबाव की राजनीति किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी। औद्योगिक शांति, सुरक्षा और निरंतर उत्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रबंधन ने निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है।

कंपनी ने औद्योगिक शांति बनाए रखने की अपील की, भ्रामक सूचनाओं से बचने का आग्रह
धनपुरी शहडोल,सोहागपुर क्षेत्र की अमलाई ओसीएम परियोजना में उत्पन्न विवाद के बीच आरकेटीसी इनफ्राटेक लिमिटेड ने अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि हाल ही में की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पूर्णतः सेवा शर्तों और स्थापित नियमों के अनुरूप है। कंपनी का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, हिंसक व्यवहार अथवा कार्यस्थल पर अशांति को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कंपनी द्वारा जारी प्रेस-नोट में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध गंभीर अनुशासनहीनता, अनियमित उपस्थिति और आचरण संबंधी शिकायतों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसे व्यक्तिगत या पक्षपातपूर्ण निर्णय बताना तथ्यों से परे है।
14 फरवरी 2026 को कंपनी के एक अधिकारी के साथ कथित मारपीट और धमकी की घटना का भी उल्लेख किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस प्रकरण में विधिवत पुलिस शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं विधिसम्मत कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
प्रबंधन ने यह भी कहा है कि श्रमिकों के वैध अधिकारों का सम्मान कंपनी की प्राथमिकता है, किंतु दबाव, धमकी या हिंसा के माध्यम से किसी भी प्रकार की मांग मनवाने की प्रवृत्ति औद्योगिक संस्कृति के विपरीत है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और निरंतर उत्पादन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेस-नोट में यह भी कहा गया है कि तथ्यों को आंशिक रूप से प्रस्तुत कर भ्रामक वातावरण निर्मित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे प्रयास न केवल औद्योगिक सौहार्द को आहत करते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और जनहित पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
कंपनी ने मजदूर संगठन से अपेक्षा की है कि जब तक सभी तथ्य प्रशासनिक जांच में स्पष्ट न हो जाएं, तब तक किसी भी प्रकार के आंदोलन या उत्पादन अवरोध से परहेज किया जाए।
अमलाई ओसीएम का यह विवाद अब श्रम संबंधों की संवेदनशीलता और औद्योगिक अनुशासन के संतुलन की परीक्षा बन गया है। एक ओर श्रमिक संगठनों की चिंताएं हैं, तो दूसरी ओर प्रबंधन का अनुशासन और कानूनसम्मत प्रक्रिया पर जोर। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासनिक जांच और संवाद की पहल ही तय करेगी कि यह विवाद समाधान की दिशा लेता है या टकराव की।
