निष्ठा, सादगी और संस्कारों की प्रतिमूर्ति थे सत्यनारायण जायसवाल,क्षेत्र ने खोया एक स्नेहिल अभिभावक, हर आँख नम

सकरिया/पोंडी (बचरा)।
जिले के प्रतिष्ठित एवं सम्मानित जायसवाल परिवार के वरिष्ठ सदस्य श्री सत्यनारायण जायसवाल का रविवार तड़के 3 बजे रायपुर में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि सम्पूर्ण अंचल में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।
सरल जीवन, सच्चरित्रता, परिश्रम और ईमानदारी के प्रतीक रहे स्वर्गीय सत्यनारायण जायसवाल अपने पीछे संस्कारों की अमूल्य धरोहर छोड़ गए हैं। वे जीवन पर्यंत समाज और परिवार के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहे। उनके व्यक्तित्व में सहजता, सौम्यता और करुणा का ऐसा समन्वय था, जिसने उन्हें हर वर्ग में आदर का पात्र बनाया।
स्वर्गीय श्री जायसवाल, सकरिया निवासी संत कुमार जायसवाल, अशोक जायसवाल, राजेश जायसवाल, धीरज जायसवाल के पूज्य पिताश्री एवं डॉ. प्रिंस जायसवाल के आदरणीय दादा थे। उनके निधन से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन, शुभचिंतक और क्षेत्रवासी इस अपूरणीय क्षति से गहरे शोकाकुल हैं।
उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को प्रातः 10 बजे, उनके गृह ग्राम सकरिया में विधिवत किया जाएगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकसंतप्त परिवार को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें — यही सम्पूर्ण क्षेत्र की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि है।
“कुछ व्यक्तित्व देह त्याग के बाद भी जीवित रहते हैं — स्मृतियों में, संस्कारों में और आने वाली पीढ़ियों की चेतना में।”