February 3, 2026

देश का प्रथम डिजिटली जीवंत संग्रहालय लगभग बनकर तैयार

0
Screenshot_20250912-210207_Gmail

छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के

गौरव गाथा पर आधारित है संग्रहालय

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव पर करेंगे संग्रहालय का शुभारंभ

संग्रहालय निर्माण का कार्य 30 सितम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने की निर्माण कार्यो की समीक्षा
रायपुर, 26 अगस्त 2025/ नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय लगभग बनकर तैयार हो गया है। देश का पहला डिजिटली संग्रहालय होगा, जहां छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव गाथा एवं योगदान की जीवंत झांकी देखने को मिलेगी। यह संग्रहालय आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, परिसर में तैयार हो रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राज्योत्सव के मौके पर छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान इस संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय की निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और 30 सितम्बर तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा एवं रानी गाइडल्यू की मूर्ति लगाने और संग्रहालय के फर्श पर ट्राईबल कलाकारों की आर्ट्स को अंकित करने के साथ ही संग्रहालय की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी निगम के संचालक डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हीना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी और निविदाकार उपस्थित थे।

डिजिटल स्क्रीन पर मिलेगी जनजातीय विद्रोहों की झलक

शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन होगा।

शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित यह संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली रूप से तैयार किया जा रहा है। आगंतुक डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से आदिवासी विद्रोहों की जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल फोन के जरिए भी क्यू आर कोड स्कैन के जरिए देखी जा सकेगी। स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध रहेगी।

सेल्फी प्वाइंट और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष इंतजाम

संग्रहालय में पर्यटकों एवं आगंतुको के लिए आदिवासी विद्रोहों से संबंधित कॉफी टेबल बुक भी उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा संग्रहालय में आगंतुकों के लिए भी सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। यहां आने वाले सीनियर सिटीजन और दिव्यांग जनों के लिए भी विशेष सुविधाओं का भी इंतजाम किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed