February 3, 2026

डी पुरंदेश्वरी भी भाजपा के मठाधीश नेताओं के आगे नतमस्तक पहले 100 घंटा बूथ में बिताने निर्देश दे रही थी अब कम से कम 75 घण्टा बूथ में बिताने गिड़गिड़ा रही

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डी पुरंदेश्वरी भी भाजपा के मठाधीश नेताओं के आगे नतमस्तक पहले 100 घंटा बूथ में बिताने निर्देश दे रही थी अब कम से कम 75 घण्टा बूथ में बिताने गिड़गिड़ा रही

जनता के दिये जिम्मेदारी को निर्वहन करने में अक्षम भाजपा के सांसद किस मुहँ को लेकर गांव-गांव जायेंगे?

रायपुर/ 27 मई 2022/ भाजपा के बैठक में बनी रणनीति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी अपने हंटर से भाजपा के 15 साल के मठाधीश नेताओं को नियंत्रित करने में असफल हो गई। आज हुई. भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक के पहले डी पुरंदेश्वरी ने भाजपा के सभी नेताओं को हर बूथ में 100 घंटा बिताने का टास्क दिया था आज हालात यह है कि आज की बैठक में उस 100 घंटा के टास्क को घटाकर 75 घंटा करना पड़ा और भाजपा  नेताओं के आगे पुरंदेश्वरी को गिड़गिड़ाना पड़ा की कम से कम 75 घंटा तो बूथ में बिताये।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य की जनता ने भाजपा को 9 सांसद दिए दुर्भाग्य के भाजपा के सांसद जनता के दिए हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पाए। जनता के विपरीत परिस्थिति में कभी उनके संग में खड़े नहीं हुए। आज भाजपा प्रभारी जिस प्रकार भाजपा के सांसदों को गांव-गांव जाने की हिदायत दे रही ह।ैं आखिर भाजपा के निष्क्रिय सांसद की मुहँ को लेकर गांव में जाएंगे? और किसानों के सवालों का जवाब देंगे? भाजपा के यही सांसद है जो किसान आंदोलन के दौरान आंदोलन में शामिल किसानों को आतंकवादी, नक्सली, टुकड़े टुकड़े गैंग और देशद्रोही बताते थे कोविड-19 के दौरान व्यवस्था में सहयोग करने के बजाए पूरी सांसद निधि को पीएम केयर फंड में जमा करा दिए और क्षेत्र की जनता सांसद का इंतजार करते रही। राज्य के किसानों के हित में कभी यह सांसद खड़े नहीं हुए। मोदी सरकार ने राज्य को प्रधानमंत्री श्रमिक कल्याण योजना से बाहर किया तब ये मौन थे? मोदी सरकार ने पीएम आवास को रद्द किया तब भी मौन थे? छत्तीसगढ़ में 46 ट्रेनों का परिचालन अचानक रद्द कर दिया गया जिससे जनता भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है तब भी भाजपा के सांसद मौन ही हैं? भाजपा के निष्क्रिय सांसद जो जनता के सवालों का सामना कर पाएंगे? ऐसे में लगता है कि अगली बार पुरंदेश्वरी आएंगी और भाजपा के सांसदों को 75 घंटा नहीं बल्कि यह बोलेगी कम से कम 5 घंटा तो जनता के बीच जाये।

 

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