भारत विश्व में “क्लीन एनर्जी” का मॉडल बनेगा,PM

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मो.शब्बीर ब्यूरो चीफ शहडोल

भारत विश्व में “क्लीन एनर्जी” का मॉडल बनेगा
मध्यप्रदेश सस्ती एवं साफ-सुथरी बिजली का बन रहा हब
गेहूँ उपार्जन में रिकार्ड के बाद मध्यप्रदेश अब सौर ऊर्जा उत्पादन में रिकार्ड बनायेगा
अन्नदाता अब ऊर्जादाता भी बन सकेगा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वी.सी. से रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना का लोकार्पण किया
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन एवं मुख्यमंत्री श्री चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से शामिल हुए 


शहडोल 11 जुलाई 2020- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत विश्व में ‘क्लीन एनर्जी का मॉडल बनेगा। भारत ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये ‘अंतर्राष्ट्रीय सोलर एलायंस’ का निर्माण किया है। हमारे प्रयास है कि आम आदमी अपनी जरूरत की बिजली घर पर ही पैदा करे। इस कार्य में सरकार मदद करेगी। हम प्रयासरत है कि देश में बेहतर सोलर पैनल, बेट्री, स्टोरेज बनें तथा हमें विदेशों से उपकरण आयात नहीं करना पड़ें। मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हो रहे है। मध्यप्रदेश सस्ती एवं साफ-सुथरी बिजली का हब बन रहा है। रीवा ने आज वाकई इतिहास रच दिया है। सफेद बाघ के नाम से जाना जाने वाला रीवा अब विश्व में सेालर प्लांट के नाम से भी जाना जाएगा। यहां खेतों में लगे हजारों पैनल ऐसा एहसास दिलाते है, मानो खेतो में फसल लहरा रही हो या गहरे समंदर का नीला पानी हो। इस अभूतपूर्व कार्य के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, क्षेत्र की जनता सहित पूरी टीम बधाई की पात्र है।
परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
रीवा सौर परियोजना पहली ऐसी सौर परियोजना है जिससे प्राप्त विद्युत, तापीय ऊर्जा से प्राप्त विद्युत से सस्ती है।
इस परियोजना से प्रथम बार ओपन एक्सेस के माध्यम से राज्य के बाहर किसी व्यावसायिक संस्थान ‘दिल्ली मेट्रो’ को बिजली प्रदान की गई।
आंतरिक ग्रिड समायोजन हेतु वर्ल्ड बैंक और सीटीएफ ऋण प्राप्त करने वाली यह देश की प्रथम परियोजना है, जिसे विश्व बैंक का ऋण बिना राज्य शासन की गारंटी के मिला है। इस ऋण ‘CLEAN TECHNOLGY FUND ‘ के अन्तर्गत ऋण स्वीकृत किया गया है, जो 0.25 प्रतिशत की सस्ती दर पर प्राप्त LIBOR मुक्त ऋण है।
परियोजना से सालाना 15.7 लाख टन के CO2 उत्सर्जन को रोका जा रहा है, जो 2.6 करोड़ पेड़ों के लगाने के बराबर है। इस परियोजना को Transaction संरचना के लिए वर्ल्ड बैंक प्रेजिडेंट पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
इस परियोजना के द्वारा भारत में पहली बार त्रि-स्तरीय भुगतान सुरक्षा (Three-tier Payment Security Mechanism) पद्धति लागू की गई।
परियोजना की तीन इकाइयों के विकासक क्रमश: महिंद्रा रिन्यूएबल, एक्मे सौलर होल्डिंग्स और एरिनसनक्लीन इनर्जी है- उक्त विकासक पहले वर्ष हेतु 2.979 रुपये, 2.970 रुपये और 2.974 रुपये के टैरिफ quote करने के आधार पर चयनित हुए। इस वर्ष परियोजना को न्यूनतम टैरिफ प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री पुरुस्कार के लिए भी नामंकित किया गया था।

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