उत्तरप्रदेश : मुख्यमंत्री ने जनपद गोण्डा भ्रमण कर दिए निर्देश

Last Updated on

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव हेतु जारी किए गए निर्देशों का प्रत्येक दशा में पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। दो गज की दूरी बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, फेस कवर अथवा मास्क अवश्य लगाया जाए। इस महामारी का वैक्सीन बनने तक यह आवश्यक है। पोस्टर, वॉल राइटिंग तथा विज्ञापन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए। सभी कार्यालयों जैसे कलेक्ट्रेट, तहसील, थाना, विकासखण्ड, अस्पतालों, स्कूल-कॉलेज व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कोविड-19 से बचाव की जानकारी देने वाले पोस्टर लगाये जाएं, ताकि लोग स्वयं भी सावधानी बरतें। मुख्यमंत्री जी आज जनपद गोण्डा भ्रमण के दौरान पुलिस लाइन मीटिंग हॉल में कोविड-19 पर नियन्त्रण एवं रोजगार सृजन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक के अवसर पर

अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने समय से कदम उठाए हैं। इससे प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति नियंत्रित है। इस महामारी से बचाव के प्रयास जारी रखते हुए, बाढ़ व बरसात से होने वाली बीमारियों से भी बचना है। साथ ही, सामान्य जनजीवन को भी आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुजुर्ग, एक से अधिक बीमारियों से ग्रसित या शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं एवं 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, ये 5 श्रेणी के लोग अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही, घर से निकलें। सामान्य जनजीवन में दो गज की दूरी के सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन किया जाए। उद्योगों, दुकानों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संक्रमण के अधिकतर मामलों में लक्षण रहित होने के कारण बीमारी के प्रसार की सम्भावना अत्यधिक बढ़ जाती है। इसके दृष्टिगत विशेष सावधानी बरती जाए।

मुख्यमंत्री जी ने शासनादेश के अनुसार हेल्प डेस्क की स्थापना करने तथा उस पर आवश्यक स्वास्थ्य उपकरण रखे जाने के निर्देश देते हुए कहा कि हेल्प डेस्क के माध्यम से जांच व समय से ऑक्सीजन उपलब्ध करा कर संक्रमण का उपचार सम्भव है। सर्विलांस टीम घर-घर जाए तथा रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ‘108’ व ‘102’ एंबुलेंस तैयार रखी जाए। कोविड-19 से बचाव हेतु प्रशिक्षित एंबुलेंस स्टाफ रखा जाए। यह प्रशिक्षण चिकित्सा विभाग के एप के माध्यम से भी दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहें। अस्पताल में समय से भोजन उपलब्ध कराया जाए। मरीजों की स्थिति के सम्बन्ध में मरीज के परिजनों को नियमित जानकारी दी जाए। नॉन कोविड अस्पतालों में आवश्यक रूप से हेल्प डेस्क बनायी जाए व अन्य चिकित्सीय सुविधाएं भी लोगों को उपलब्ध करायी जाएं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अन्य राज्यों से जनपद में आए सभी श्रमिकों/कामगारों को आवश्यक रूप से रोजगार से जोड़ा जाए। स्वरोजगार के इच्छुक कामगारों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों का राशन कार्ड बनवाकर प्रत्येक दशा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। जरूरतमन्दों को ग्राम प्रधान निधि व नगर निकाय निधि से 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दिलायी जाए। किसी भी व्यक्ति को दवा अथवा खाद्यान्न के अभाव के कारण परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं व सड़कों के निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा हो, ताकि कोई मामला लंबित न रहे। इसके लिए मण्डल व जनपद स्तर पर समीक्षा की जाए। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि जनपद में अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिक/कामगार काफी दिनों बाद आए हैं, इसलिए राजस्व विवाद के दृष्टिगत भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की छूट नहीं है। गौ तस्करी सहित आपराधिक मामलों एवं सांप्रदायिक घटनाओं को प्रत्येक दशा में रोका जाए।

मुख्यमंत्री जी ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि मास्क पहनने हेतु जागरूकता के साथ ही, इसका उल्लंघन करने वालों से इंफोर्समेंट के जरिए जुर्माना भी वसूला जाए। आगामी 01 जुलाई, 2020 से प्रारम्भ हो रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के कार्यक्रमों में भीड़ एकत्र न हो, इसका ध्यान रखा जाए। 25 करोड़ वृक्षारोपण के अभियान की सफलता हेतु जनप्रतिनिधियों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उनकी उपस्थिति में वृक्षारोपण के अभियान को पूरी तरह सफल बनाने की कार्य योजना इस प्रकार बनाई जाए कि कहीं भी भीड़ न होने पाए। नदियों में बढ़ रहे जलस्तर के दृष्टिगत बचाव कार्य व बाढ़ के दौरान विषाणु जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु पूरी तैयारी पहले से ही कर ली जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री जी ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने उतरौला-फैजाबाद मार्ग के निर्माण में वन विभाग से एन0ओ0सी0 मिलने में देरी होने के कारणों से सम्बन्धित विवरण दो दिन के भीतर उपलब्ध कराने हेतु आयुक्त, देवीपाटन को निर्देशित किया। उन्होंने दतौली से मनकापुर मार्ग के सुदृढ़ीकरण के स्वीकृत कार्य में एक बिडर के अयोग्य होने पर मामला मा० न्यायालय में लंबित होने पर जिलाधिकारी से 3 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री जी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। वहां पर उन्होंने इमरजेंसी वॉर्ड, मेडिकल वॉर्ड, बच्चा वॉर्ड तथा हड्डी वॉर्ड में जाकर मरीजों से बातचीत की तथा उन्हें दी जा रही मेडिकल सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिलाधिकारी तथा सी0एम0ओ0 को निर्देशित किया कि अस्पताल में साफ-सफाई व दवाओं की उपलब्धता प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करायी जाए।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित कार्य व समस्याओं से अवगत कराया गया। देवीपाटन मण्डल के आयुक्त श्री महेंद्र कुमार ने कोविड-19 महामारी के संबंध में मंडल की वस्तुस्थिति से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया। जिलाधिकारी डॉ० नितिन बंसल ने वैश्विक महामारी के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा कराए गए कार्य एवं रोजगार सृजन से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत हुई प्रगति से मुख्यमंत्री जी को विस्तृत रूप से अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक श्री आर0के0 नैयर ने कानून-व्यवस्था की स्थिति से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्री रमापति शास्त्री, सांसद श्री बृजभूषण शरण सिंह, श्री कीर्तिवर्धन सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed