भूपेश सरकार ने जो कहा वो किया – कन्हैया…. कोरोना संकट के दौर में किसानों को राहत से बाजार होगा गुलजार….. कांग्रेस ने निभाया वादा…

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महासमुंद। । अन्नदाता किसानों से किया वादा निभाते हुए श्री भूपेश बघेल जी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने धान खरीदी के अंतर की राशि प्रदान करना प्रारंभ किया है । भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के दिन राजीव किसान न्याय योजना के तहत् एक किश्त 1500 करोड़ रूपयेे किसानों के खाते में जारी कर दी गई । किसानों को अनुदान राशि का सीधा लाभ अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, प्रदेश के बाजार गुलजार होंगे ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री (महासमंुद जिला प्रभारी) कन्हैया अग्रवाल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान उक्ताशय के उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, कि भाजपा सरकार में प्रदेश के किसान लगातार आत्महत्या कर रहे थे । कांग्रेस ने अन्नदाता किसानों के कर्जा माफी के साथ धान खरीदी 2500 रूपये प्रति क्विंटल में करने की घोषणा की थी । शपथ ग्रहण के एक घंटे अंदर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किसानों की कर्जा माफी के ऐतिहासिक फैसले पर हस्ताक्षर कर सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी थी । सरकार ने 2500 रूपये में धान खरीदी का अपना वादा भी निभाया और 400 यूनिट तक की बिजली बिल सबके लिए हाफ किया ।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री मोहन मरकाम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होने बताया, कि किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे अंतरित की जा रही है । धान उत्पादक किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से अनुदान सहायता राशि दी जाएगी । धान उत्पादक 18 लाख 34 हजार 834 किसानों को प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की जा रही है ।
श्री अग्रवाल ने बताया, कि गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ना की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपये प्रति क्ंिवटल और प्रोत्साहन एवं अनुदान सहायता राशि 93.75 रूपये प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा । प्रदेश के गन्ना उत्पादक 34 हजार 637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपये चार किष्तों में दिये जाएंगे । इसमें से प्रथम किष्त के 18 करोड़ 43 लाख रूपये 21 मई को हस्तांरित किये गए । खरीफ 2019 में सहकारी समितियों लैंपस के माध्यम से उपार्जित मक्का फसल के किसानों को भी योजना के अंतर्गत लाभ देने का निर्णय लिया गया है । मक्का फसल के लिए आंकड़े लिए जा रहे हैं, जिसके आधार पर आगामी किश्तों में उनको भुगतान किया जाएगा । योजना के लाभार्थियों में 90 प्रतिशत लघु और सीमांत किसान हैं ।
प्रदेश महामंत्री एवं जिला संगठन प्रभारी श्री अग्रवाल ने कहा, कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने 80.37 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी 2500 रूपये प्रति क्विंटल (देश में सर्वाधिक) की दर से की थी जिसका लगभग 20 हजार करोड़ का भुगतान कृषकों को किया गया वर्ष 2019 में 18,334,834 किसानों को 82.80 लाख मीट्रिक टन धान की रिकार्ड खरीदी की गई । जिसका लगभग 15 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है । इससे पूर्व सरकार बनते ही राज्य शासन द्वारा 17.87 लाख किसानों को 8755 करोड़ रूपये का कर्ज माफ किया गया । 15 वर्षों से लंबित 15 लाख किसानों के 207 करोड़ रूपये का सिंचाई कर माफ किया । फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने कृषि अनुदान सहायता हेतु ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ राज्य में प्रारंभ किया गया।
उन्होने बताया, कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत् खरीफ मौसम में धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुत्थी, रामतिल, कोदो, कोटकी तथा रबी में गन्ना फसल को लिया । गन्ना फसल हेतु पेराई वर्ष 2018-19 में सहकारी शक्कर कारखाना के माध्यम से क्रय किये गये गन्ना मात्रा के आधार पर 50 रूपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि 10.27 करोड़ 24,414 किसानों को दिया जाएगा । किसानों के लिए सरकार के द्वारा जारी किये गये अनुदान से संकट के दौर में किसान खुशहाल होगा और अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी ।

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