बोधघाट बहुद्देशीय सिंचाई परियोजना के काम को आगे बढ़ाने केंद्र ने दी सहमति मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे के प्रयासों को मिली सफलता

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बोधघाट परियोजना के प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट को केंद्रीय जल आयोग ने किया मान्य
40 वर्षों से लंबित इस सिंचाई परियोजना के निर्माण का सपना हो सकेगा साकार
        रायपुर, 23 मई 2020/छत्तीसगढ़ राज्य की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं में से एक बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए अंततः केंद्रीय जल आयोग ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। 40 वर्षों से लंबित इस परियोजना को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविंद्र चौबे लगातार प्रयासरत थे। इसी का परिणाम है कि बोधघाट परियोजना के प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट (प्रारंभिक साध्यता प्रतिवेदन )को भारत सरकार के केंद्रीय जल आयोग ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब इस परियोजना के सर्वेक्षण एवं विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर )तैयार करने का काम तेजी से कराया जा सकेगा। 

           यहां यह उल्लेखनीय है कि बीते दिनों मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से बोधघाट परियोजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की थी और इस परियोजना की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया था। जल संसाधन मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने केंद्रीय मंत्री जल संसाधन मंत्री श्री शेखावत से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रेषित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर सहमति देने का आग्रह किया था। मंत्री श्री चौबे ने बताया कि बोधघाट परियोजना की प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट 2 अप्रैल 2020 को केंद्रीय जल आयोग को भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग द्वारा इस परियोजना के सर्वेक्षण अनुसंधान और डीपीआर तैयार कराए जाने को लेकर भी अपने स्तर से प्रयास शुरू कर दिया गया था ,ताकि भारत सरकार से मंजूरी मिलते ही इस काम को अविलंब आगे बढ़ाया जा सके। 

         मंत्री श्री चौबे ने बताया कि बोधघाट बहुद्देश्यीय सिंचाई परियोजना इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है। यह दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड गीदम के ग्राम बारसुर से लगभग 8 किलोमीटर और जगदलपुर जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर की दूरी पर है। इस परियोजना की कुल लागत 22 हजार 653 करोड़ रुपए है। इससे लगभग 3 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर में सिंचाई तथा लगभग 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाना प्रस्तावित है। बोधघाट परियोजना से बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में सिंचाई होगी। जल संसाधन मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने कहा कि आगामी 8-9 माह के भीतर बोधघाट परियोजना का सर्वेक्षण अनुसंधान एवं डीपीआर तैयार कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास होगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने फरवरी-मार्च 2019-20 के बजट सत्र में विधान सभा मे बोधघाट सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य को हाथ में लिए जाने की घोषणा की थी। यह परियोजना जल संसाधन विभाग के वर्ष 2020-21 के बजट में भी शामिल है। मंत्री श्री चौबे ने बताया कि पूर्व में इस परियोजना में दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में खरीफ, रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए कुल 2 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित थी, किंतु जल की उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस परियोजना के माध्यम से सुकमा जिले को भी सिंचाई हेतु जलापूर्ति के निर्देश दिए थे। 
        मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुकमा जिले को भी खरीफ, रबी तथा ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए कुल एक लाख हेक्टेयर में सिंचाई हेतु जल आपूर्ति को परियोजना में शामिल किया गया है। इस प्रकार तीनों जिलों में 3 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर में वार्षिक सिंचाई सुविधा प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि बोधघाट बहुद्देशीय सिचाई परियोजना बस्तर संभाग और राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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