February 24, 2020

आरक्षक जी.डी. भर्ती के संबंध में हाईकोर्ट का निर्णय

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रायपुर, 24 फरवरी 2020/ पुलिस विभाग में दिनांक 29.12.2017 को भर्ती प्रकाशन किया गया था। जिसमें कि कुल 2259 आरक्षक जी.डी. भर्ती हेतु पदों का विज्ञापन जारी किया गया था। जिसमें आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04.02.2018, लिखित परीक्षा की तिथि 30.09.2018 एवं दिनांक 04.10.2018 को माॅडल उत्तर जारी किया गया था।
शारीरिक दक्षता परीक्षा दिनांक 26.04.18 से 12.06.18 के बीच में ली गई थी जिसमें 61511 अभ्यार्थी उत्तीर्ण हुये थे। दिनांक 27.09.19 को पुलिस महानिदेशक के द्वारा भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इससे क्षुब्ध होकर अभ्यार्थीयों द्वारा माननीय न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई। उपरोक्त मामलो पर माननीय न्यायालय की सिंगल बेंच ने अपने आदेश दिनांक 12.12.2019 को पुलिस महानिदेशक के आदेश को यथावत रखते हुए डबल बेंच में अपील प्रस्तुत की। अपनी याचिका द्वारा अपील में याचिकाकर्ता ने यह उल्लेख किया कि विज्ञापन नये प्रचलित/संशोधित नियम अंतर्गत किया गया है जिसमें किसी प्रकार की त्रुटि नही है। अतः इसे निरस्त करना अनुचित है। जिसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है। अतः इसे निरस्त करना अनुचित है। शासन ने अपने जवाब में उल्लेख किया है कि विज्ञापन जारी करना एवं आवेदन जमा करने के दिनांक तक कंडिका 76(3)(b) नियम छ.ग. पुलिस एक्जीक्युटिव फोर्स काॅस्टेबल (नियुक्ति एवं शर्ते) नियम, 2007 के संशोधित हुये नियमों के अंतर्गत भर्ती एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा ली गई थी जिसमें यह उल्लेख है कि पुरूष अभ्यार्थी के लिए 1500 मीटर की दौड समय 5.40 मिनट में एवं महिला अभ्यार्थी के लिए 800 मीटर की दौड समय 3.20 मिनट में पूरी करनी है। यह कि संशोधित नियम दिनांक 23.02.2018 को गजट नोटिफिकेशन के अंतर्गत संशोधित हुआ था जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04.02.18 थी एवं उस दिनांक तक नियमों में संशोधन नही हुआ था। इसलिए यह त्रुटि सामने आने पर पुलिस महानिदेशक ने भर्ती परीक्षा को रद्ध कर दिया था। शासन के द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि गजट नोटिफिकेशन दिनांक 27.09.19 के द्वारा पूर्व की शारीरिक दक्षता परीक्षा जिसमें कि लंबी कुद, उंची कुद, गोला फेक, 100 मीटर दौड, 800 मीटर दौड प्रत्येक के लिए 20 अंक निर्धारित थे। सभी मामलों में सुनवाई माननीय न्यायालय के डिविजिन बेंच जस्टिस पी.आर रामचन्द्र.मेनन एवं पी.पी.साहू द्वारा पूर्व में सुरक्षित रखे फैसले एवं अन्य सभी 15 याचिकाओं में सुनवाई करते हुए आज पारित आदेश में पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा प्रारंभ भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा भाग को यथावत रखा है, साथ ही वर्तमान सरकार को यह निर्देश व अधिकारी प्रदान किया है कि पूर्ववर्ती सरकार ने जो भर्ती प्रक्रिया में संबंधित नियमों का पालन नही किया था के तारतम्य में अभ्यर्थियो की शरीरिक परीक्षा नियम के हिसाब से कार्यवाही करे। राज्य सरकार को माननीय न्यायालय ने आदेश दिया है कि प्रक्रिया 90 दिन के भीतर अंतिम करें तथा जो अभ्यार्थी शारीरिक भर्ती परीक्षा नियमानुसार उत्तीर्ण करता है वही भर्ती के लिए पात्र होगा, अन्य किसी अभ्यार्थी को आगामी प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार नही होगा। अतः राज्य सरकार नियमानुसर आगामी कार्यवाही करें। इस तरह से राज्य सरकार को यह बडी सफलता इस मामले में प्राप्त हुई है।
माननीय न्यायालय ने यह भी माना है कि जो नियम संशोधित नही हुए थे उन नियमों के तारतम्य में शारीरिक दक्षता परीक्षा ली गई। चंूकि यह गंभीर त्रुटि थी उपरोक्त कारण से पुलिस महानिदेशक ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त की थी, इसलिए राज्य शासन को यह निर्देश दिये जाते है कि यह नये संशोधित नियम अंतर्गत दोबारा शारीरिक भर्ती परीक्षा ली जाये।

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