रायपुर : इजराइल की कृषि तकनीक से प्रभावित हुए  कृषि-सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल 

जोगी एक्सप्रेस 

 रायपुर, इजराइल की बेहतर कृषि तकनीक को समझने लिए  कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में विभागीय अधिकारियों का दल इन दिनों अध्ययन यात्रा मंे इजराइल प्रवास पर है।
 इस दल के सदस्यों ने आज शार हागोलन की बुट्स (kibutz) का भ्रमण किया। यहां संयुक्त खेती की जाती है। सहकारिता की भावना के साथ 120 परिवार मिलकर यहां खेती कर संपन्नता के साथ जीवन यापन कर रहे है। यहां पर विशेष रूप से केला, खजूर सहित अन्य उद्यानिकी फसलों की खेती हाईटेक तकनीक से की जा रही है। यहां एक ही टिशू कल्चर के एक ही पौधे से केले की फसल 10 से 15 साल तक ली जाती है। दल के सदस्यों ने यहां की अत्याधुनिक सुव्यस्थित डेयरी का अवलोकन भी किया। डेयरी में 350 गायों से 25000 लीटर दूध प्रतिवर्ष लिया जाता है। प्रति गाय 42 लीटर प्रति दिन दूध प्राप्त होता है। यहां की सी ऑफ गैलिली भी उन्होंने देखी। यह इजराइल की एकमात्र मीठे पानी की झील है जिससे पूरे इजराइल में पीने के पानी की पूर्ति की जाती है। यहाँ पानी की हर बूँद का संरक्षण किया जाता है।
इस संबंध में कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि इजराइल जैसा देश जिसकी आधी भूमि रेगिस्तान है। वहां के लोगों की दृढ़ इच्छाशक्ति देखते ही बनती है। जलवायु विपरीत होने के बावजूद वे आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अच्छी खेती कर रहे हैं। पानी की एक-एक बूंद को यहां सहेजकर उपयोग में लाया जाता है। पानी के हर बूंद के महत्त्व को इजराइली जानते हैं।  इस अध्ययन दौरे में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव तथाकृषि उत्पादन आयुक्त श्री अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी भी गए हैं।

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